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  • राजस्व मंत्री ने जल विद्युुत परियोजनाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की
  • मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की
  • 21 व 22 जनवरी को ग्राम पंचायतों में होगी एंटी चिट्टा ग्राम सभा: मुख्यमंत्री
  • हिम परिवार पोर्टल से जोड़ें प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों का डेटा: मुख्यमंत्री
  • क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए प्रदेश में दो नई आधुनिक तकनीकों का पायलट प्रयोग शुरू: विक्रमादित्य सिंह
  • मुख्यमंत्री ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत कामगारों को हिमकेयर योजना का लाभ प्रदान करने के दिए निर्देश
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  • मुख्यमंत्री ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत कामगारों को हिमकेयर योजना का लाभ प्रदान करने के दिए निर्देश
    कहा कामगारों का ई-केवाईसी शीघ्र किया जाए पूर्ण
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत सभी कामगारों का हिमकेयर कार्ड बनाकर उन्हें योजना का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। आज यहां आयोजित बोर्ड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कामगार, समाज का अभिन्न अंग हैं और राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय है।
    मुख्यमंत्री ने बोर्ड को निर्देश दिए कि कामगारों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्रदान करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कामगारों का ई-केवाईसी हिम परिवार पोर्टल के माध्यम से करने के निर्देश देते हुए इस प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने को भी कहा।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बोर्ड में पंजीकृत कामगारों के बच्चों को उच्च शिक्षा जैसे पी.एचडी, एमबीबीएस, इंजीनियरिंग इत्यादि के लिए प्रदान की जाने वाली सहायता राशि उसी दर पर प्रदान की जाए, जितनी सरकारी संस्थानों में उस विषय की फीस है।
    उन्होंने कहा कि बोर्ड में पंजीकृत कामगारों के दिव्यांग बच्चों को मुख्यमंत्री सहारा योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा आयोजित विभिन्न जागरूकता शिविरों में एंटी चिट्टा अभियान के तहत चिट्टा के दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूकता लाई जानी चाहिए।
    प्रदेश सरकार द्वारा मजदूरों के समग्र कल्याण के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं और कार्यक्रम लागू किये जा रहे हैं। वित्त वर्ष 2023-24 में बोर्ड द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर 20.70 करोड़ रुपये, 2024-25 में 33.27 करोड़ रुपये और वर्ष 2025-26 में अभी तक 26.23 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में बोर्ड की पेंशन योजना के तहत 1606 लाभार्थियों को 31.06 लाख रुपये की पेंशन प्रदान की गई है।
    बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि बोर्ड द्वारा पंजीकृत कामगार के विवाह के लिए 51 हजार रुपये की वित्तीय सहायता तथा कामगार के दो बच्चों के लिए भी विवाह के लिए 51-51 हजार रुपये प्रदान किये जाते हैं। उन्होंने बोर्ड द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदान की जाने वाली सहायता राशि की विस्तार से जानकारी दी।
    बोर्ड के सदस्य सचिव व मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार ने बोर्ड की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी देते हुए अवगत करवाया कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कामगारों को लाभ प्रदान करने के लिए अभी तक लगभग 500 करोड़ रुपये व्यय किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बोर्ड के तहत 4,76,052 कामगार पंजीकृत हैं।
    बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव प्रियंका बासु इंगटी और आशीष सिंहमार, निदेशक डीडीटीजी डॉ. निपुण जिंदल, श्रम आयुक्त वीरेन्द्र शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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  • हिम परिवार पोर्टल से जोड़ें प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों का डेटा: मुख्यमंत्री
    प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों से हमीरपुर में आयोजित सम्मेलन में संवाद करेंगे मुख्यमंत्री
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कृषि विभाग को प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों का पूरा डेटा 20 जनवरी, 2026 तक हिम परिवार पोर्टल से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। डेटा में प्राकृतिक खेती से सम्बन्धित सम्पूर्ण विवरण का समावेश किया जाएगा। प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों का ब्लॉक आधार डेटा तैयार कर उसकी मैपिंग की जाएगी।
    मुख्यमंत्री ने आज यहां कृषि विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए युवाआंे को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा। उन्होंने प्रदेश में इस पद्धति से खेती करने पर बल दिया ताकि किसान अधिक से अधिक आय अर्जित कर सके। हम प्राकृतिक खेती आधारित व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों से इस माह हमीरपुर में आयोजित होने वाले सम्मेलन में संवाद करेंगे।  
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं, मक्की और कच्ची हल्दी से सम्बन्धित विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं के आटे को ‘हिम चक्की आटा’, मक्की के आटे को ‘हिम भोग मक्की’ आटा और कच्ची हल्दी को ‘हिम हल्दी’ के ब्रांड के साथ बाजार में उतारा गया है। उन्होंने आटे की पैकिंग के पैकेट में एक्सपायरी डेट से सम्बन्धित जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों में पौष्टिकता के सम्बन्ध में भी उचित जानकारी होनी चाहिए। इसका आकलन करने के लिए एक विशेष इकाई के गठन करने के भी निर्देश दिए।
    उन्होंने कहा कि प्राकृतिक विधि से उगाई गई 606.8 मीट्रिक टन मक्की की खरीद की गई है और 2.31 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में डाले गए हैं। प्राकृतिक खेती से उत्पादित 2123 क्विंटल गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीद की गई और किसानों के खातों में एक करोड़ 31 लाख 57 हजार रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किये गए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती से उगाई कच्ची हल्दी पर 90 रुपये समर्थन मूल्य प्रदान करने के उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस वर्ष 1629 किसानों से लगभग 2422 क्विंटल हल्दी के प्रापण का अनुमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा अपने 25 फार्मों में प्राकृतिक खेती पद्धति से विभिन्न फसलों का उत्पादन किया जा रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती के उत्पादांे का बेहतर विपणन सुनिश्चित किया जाए।
    कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने बैठक में बहुमूल्य सुझाव दिए।
    बैठक में  मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, महाधिवक्ता अनूप रतन, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव सी. पालरासु और अशीष सिंहमार, निदेशक डीडीटीजी डा. निपुण जिंदल, निदेशक कृषि डॉ. रविन्द्र सिंह जसरोटिया, निदेशक बागवानी विनय सिंह और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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  • 21 व 22 जनवरी को ग्राम पंचायतों में होगी एंटी चिट्टा ग्राम सभा: मुख्यमंत्री
    प्रदेश भर में प्रीमियर लीग की तर्ज पर आयोजित होंगे एंटी चिट्टा अवेयरनेस स्पोर्टस टूर्नामेंट: ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू
    चिट्टा गतिविधियोें से बनाई सम्पत्तियां होगी ध्वस्त
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने गत सायं यहां आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में 21 व 22 जनवरी, 2026 को एंटी चिट्टा ग्राम सभा आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन ग्राम सभाओं में चिट्टा से सम्बन्धित विभिन्न सूचनाओं की समीक्षा, चिट्टा की लत में फंसे स्थानीय युवाओं के पुनर्वास सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा और कार्यवाही की जाएगी। इन एंटी चिट्टा ग्राम सभाओं में अन्य विभागों के अधिकारी पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किए जाएंगे। ग्राम सभा में चिट्टा से सम्बन्धित पंचायत की सम्पूर्ण मैपिंग की जाएगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा के दुष्प्रभावों से लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदेश व्यापी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैें। इसी कड़ी में प्रदेश भर में प्रीमियर लीग की तर्ज पर एंटी चिट्टा अवयेरनेस स्पोर्टस टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे। इन टूर्नामेंट में कबड्डी, क्रिकेट और वॉलीबाल की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। ये टूर्नामेंट ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। विजेता टीमों को मुख्यमंत्री द्वारा ईनाम राशि भी प्रदान की जाएगी।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि चिट्टा तस्करी और सप्लाई की चेन को तोड़ने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जा रही है। चिट्टा तस्करों की सम्पत्तियों की पहचान कर ली गई है। इन सम्पत्तियों को ध्वस्त कर दिया जाएगा। 
    मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को चिट्टे के दुष्प्रभावों के सम्बन्ध में विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए स्कूल की पाठ्य पुस्तकों में एक अध्याय शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत स्तर पर गठित नशा निवारण समितियों में ग्राम पंचायत प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों को विशेष आमंत्रित सदस्यों में भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चिट्टा के खिलाफ अभियान में एफपीओ और महिला मंडलों को शामिल करने के निर्देश भी दिए।
    बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव सी. पालरासु, महाधिवक्ता अनूप रतन, निदेशक ग्रामीण विकास राघव शर्मा और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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  • मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की
    बांधों और जलाशयों के वाष्पीकरण और ग्लेशियर पिघलने पर वैज्ञानिक अध्ययन के निर्देश दिए
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विभागों और उपक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
    मुख्यमंत्री ने विभिन्न बांधों और जलाशयों से गर्मियों के मौसम में पानी के वाष्पीकरण का विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में बढ़ता धंुध का स्तर चिंता का विषय है। इस सम्बन्ध में वैज्ञानिक अध्ययन करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि इस विषय का गहन अध्ययन किया जाना चाहिए, बांधों से पानी के वाष्पीकरण का क्या बादल फटने की घटनाओं से सम्बन्ध है या नहीं?
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में ग्लेशियरों के पिघलने की दर तथा बाढ़ प्रबन्धन का अध्ययन करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि ग्लेशियरांे का पिघलना पारिस्थितिक तंत्र पर विपरीत प्रभाव डालता है तथा इससे प्राकृतिक संतुलन भी प्रभावित होता है।
    मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की तथा अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्मार्ट मीटर पर विस्तृत चर्चा की तथा फीडर बिलिंग की मैपिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि 13 जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा होने से राज्य में ऊर्जा दोहन में 1229 मेगावाट क्षमता की वृद्धि हुई है।  
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, महाधिवक्ता अनूप रतन, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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  • चिट्टा गतिविधियों में शामिल 11 पुलिस कर्मी नौकरी से बर्खास्त
    हिमाचल प्रदेश सरकार ने चिट्टे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए आज 11 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इन कर्मचारियों के खिलाफ यह कार्रवाई प्रदेश सरकार की चिट्टा और नशे के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति के अनुरूप, एनडीपीएस एक्ट के मामलों में संलिप्त पाये जाने पर की गई है। यह कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत की गई है। यह कार्रवाई स्पष्ट और कठोर संदेश है कि कानून की रक्षा करने वाली पुलिस बल में कानून तोड़ने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। 
     एनडीपीएस एक्ट के मामलों में संलिप्त 1-भारतीय रिजर्व बटालियन बनगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर नीरज कुमार, जिला बिलासपुर में तैनात पुलिस कांस्टेबल शुभम ठाकुर, 3- भारतीय रिजर्व बटालियन पंडोह में तैनात कांस्टेबल कपिल, एसडीआरएफ में तैनात कांस्टेबल शिव कुमार, जिला शिमला पुलिस में तैनात कांस्टेबल लक्ष्य चौहान, एसवी एंड एसीबी में तैनात कांस्टेबल/ड्राइवर विशाल ठाकुर, 4-भारतीय रिजर्व बटालियन जंगलबैरी में तैनात कांस्टेबल गौरव वर्मा, 2-भारतीय रिजर्व बटालियन सकोह में तैनात कांस्टेबल/ड्राईवर संदीप राणा, एसडीआरएफ में तैनात कांस्टेबल अंकुश कुमार, स्टेट सीआईडी में तैनात कांस्टेबल रजत चंदेल तथा जिला शिमला में तैनात कांस्टेबल राहुल वर्मा को सेवा से बर्खास्त किया गया है।
    आज शिमला में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी चिट्टे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की है। अगर पुलिस कर्मी ही चिट्टा गतिविधियों में शामिल होंगे तो इस तरह की सख्त कार्रवाई अनिवार्य है। चिट्टा तस्करी व अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को  बख्शा नहीं जाएगा। चिट्टा गतिविधियों में शामिल सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
    पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने पुलिस विभाग द्वारा चिट्टा के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी।
    मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि चिट्टे की तस्करी और चिट्टा गतिविधियों में शामिल सभी कर्मचारियांे की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर इसकी सूचना मुख्य सचिव को शीघ्र प्रदान की जाए। उन्होंने कर्मचारियों द्वारा चिट्टे से कमाई गई सम्पत्ति की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजने के निर्देश भी दिए।
    उन्होंने कहा कि दो ग्राम तक के चिट्टे की सूचना के लिए 10 हजार रुपये, पांच ग्राम के लिए 25 हजार रुपये, 25 ग्राम के लिए 50 हजार रुपये, एक किलो के लिए पांच लाख रुपये तथा एक किलो से अधिक मात्रा में चिट्टे की सूचना देने के लिए 10 लाख रुपये ईनाम राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बड़े गिरोह के सूचना देने वाले को पांच लाख रुपये से अधिक की ईनाम राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि चिट्टे से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 112 आपातकालीन नंबर शुरू किया गया है। उन्होंने लोगों से इस संबंध में किसी भी जानकारी को साझा करने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करने का आह्वान किया। 
    बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव सी. पालरासु, महाधिवक्ता अनूप रतन, निदेशक ग्रामीण विकास राघव शर्मा और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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  • हिमाचल प्रदेश ने भूटान को भेंट किए चिलगोजा के पौधे
    मुख्यमंत्री ने वाहन को हरी झंडी दिखा किया रवाना
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज प्रदेश सचिवालय शिमला से भारत और भूटान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रतापूर्ण एवं सहयोगात्मक संबंधों को और सुदृढ़ करते हुए भूटान को चिलगोजा के पौधों का उपहार प्रेषित किया।  
     वाहन को हरी झंडी दिखाने के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल भारत और भूटान के मैत्रिपूर्ण, सौहार्द व भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भविष्य में हिमाचल प्रदेश वन विभाग द्वारा भूटान को पांच लाख रूपये मूल्य के चिलगोजा के और बीज भी प्रदान किये जाएंगे। प्रदेश सरकार द्वारा भूटान के वन विभाग के अधिकारियों को चिलगोजा के पौधे उगाने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसके लिए उनके वन विभाग की टीम शीघ्र ही हिमाचल आएगी। प्रदेश सरकार चिलगोजा गतिविधियों में स्थानीय  महिला मंडलों को भी शामिल करेगी और इसके लिए उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पूर्व भी भूटान को चिलगोजा के 50 किलोग्राम बीज प्रदान किए जा चुके हैैंं। 
    चिलगोजा पश्चिमी हिमालय की बहुमूल्य प्रजाति है, जो पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता और स्थानीय आजीविका से गहराई से जुड़ी हुई है।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार वन संवर्धन के लिए अनेक पहल कर रही है और राज्य में वन आवरण के विस्तार को लेकर अनेक योजनाएं चला रही है। सरकार के प्रयासों से वन क्षेत्र लगभग 55 वर्ग किलोमीटर बढ़ा है। इस वर्ष लगभग 9,000 हेक्टेयर वन भूमि पर विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के अंतर्गत पौधरोपण किया जा रहा है, इसमें 60 प्रतिशत फलदार पौधे शामिल हैं।
    मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना बंजर पहाड़ियों को हरा भरा करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इस योजना के तहत अब तक 600 हेक्टेयर बंजर पहाड़ियों पर पौधरोपण किया गया है।
    वनों की रक्षा एवं प्रबन्धन के लिए 2019 वन मित्र की नियुक्ति की गई है, जिन्हें वृक्षारोपण, अग्नि सुरक्षा, राल दोहन सहित विभिन्न वानिकी कार्यों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 
    प्रदेश सरकार जन सहयोग से हरित आवरण में बढ़ोतरी के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके दृष्टिगत राजीव गांधी वन संवर्धन योजना, ग्रीन एडॉप्शन योजना सहित अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं।
     इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, उपाध्यक्ष हिमाचल प्रदेश राज्य वन निगम केहर सिंह खाची, विधायक कैप्टन रणजीत सिंह राणा एवं मलेन्द्र राजन, प्रदेश हज कमेटी के अध्यक्ष दिलदार अली भट्ट, महाधिवक्ता अनूप रतन, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान मुख्य अरण्यपाल संजय सूद तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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