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  • एनसीवीईटी ड्यूल स्टेटस प्राप्त करने वाला देश का दूसरा राज्य बना हिमाचल: शिक्षा मंत्री
  • मनरेगा के अंतर्गत 50 दिन कार्य करने वाले परिवार बी.पी.एल. सूची में होंगे शामिल
  • हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय
  • प्रदेश सरकार आपदा पूर्व तैयारी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत: राजस्व मंत्री
  • सड़क सुरक्षा पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित
  • राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित
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  • राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित
    आज लोक भवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के सम्मान में लोक भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी उपस्थित रहीं।
    लोक भवन के कर्मचारियों की ओर से राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा ने राज्यपाल और लेडी गवर्नर को उनके प्रति आदर और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में पारंपरिक हिमाचली टोपी, शॉल और एक स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। 
    सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने लोक भवन में कार्य करते हुए हिमाचल प्रदेश में बिताए अपने तीन वर्ष के कार्यकाल को स्नेहपूर्वक याद किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों की निष्ठा और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें कर्मचारियों का निरंतर सहयोग और समर्थन प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों के सक्रिय सहयोग से उन्हें विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर कार्य करने का अवसर मिला।
    श्री शुक्ल ने कहा कि वे राज्य के साथ अपने जुड़ाव की सुखद यादों को हमेशा संजोकर रखेंगे। हिमाचल प्रदेश को एक सुंदर पर्वतीय राज्य बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोग मेहनती और ईमानदार हैं।
    कार्यक्रम का समापन लोक भवन के कर्मचारियों द्वारा राज्यपाल और लेडी गवर्नर को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देने के साथ हुआ।
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  • प्रदेश सरकार आपदा पूर्व तैयारी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत: राजस्व मंत्री
    जलवायु परिवर्तन और आपदा जोखिम लचीलापन हिमालय का भविष्य, हिमाचल प्रदेश के लिए सबक, चुनौतियां और नीतिगत मार्ग विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आज डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा) शिमला में संपन्न हुई। इस अवसर पर राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह दो दिवसीय कार्यशाला हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित की गई।
    राजस्व मंत्री ने हिमालयी राज्यों पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों पर प्रकाश डाला, विशेषकर कृषि, बागवानी, आधारभूत संरचना और आजीविका जैसे क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभावों का उल्लेख किया। उन्होंने बढ़ते जलवायु और आपदा जोखिमों से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा आपदा तैयारी को मजबूत करने, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को बेहतर बनाने तथा लचीले बुनियादी ढांचे के विकास के प्रयासों पर बल दिया।
    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से बढ़ते जोखिम से निपटने के लिए आपदा पूर्व तैयारी को सुदृढ़ करने, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों में सुधार करने तथा लचीले बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
    विशेष सचिव (राजस्व) डी.सी. राणा ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए संस्थागत तैयारी को मजबूत करने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, आपदा जोखिम आकलन, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों तथा हिमालयी क्षेत्रों में लचीले बुनियादी ढांचे पर विषयगत सत्र आयोजित किए गए। राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय संस्थानों के विशेषज्ञों, जिनमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की तथा काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर ने हिमालयी क्षेत्रों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जलवायु लचीलापन, खतरा निगरानी और बुनियादी ढांचा सुरक्षा पर प्रस्तुतियां दीं।
    कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश में हाल के वर्षों में आई आपदाओं, विशेषकर वर्ष 2023 और 2025 की घटनाओं से मिले अनुभवों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने राज्य में किए गए पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट के निष्कर्षों के आधार पर समेकित जोखिम आकलन, लचीले पुनर्निर्माण और बेहतर तैयारी के महत्त्व को रेखांकित किया।
    इसके उपरान्त कार्यशाला के समापन अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) के.के. पंत ने हिमाचल प्रदेश जैसे हिमालयी राज्यों में जलवायु और आपदा लचीलापन विकसित करने के लिए वैज्ञानिक योजना, संस्थागत समन्वय और सामुदायिक भागीदारी के महत्त्व पर बल दिया।
    इस कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा) की निदेशक रूपाली ठाकुर, नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया।
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  • हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अनेक महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
    मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में प्रस्तावित संशोधनों पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने का निर्णय लिया। प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, वर्ष 2010 को आधार वर्ष मानते हुए जो पंचायतें लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही हैं, उन्हें आगामी पंचायत चुनावों में आरक्षित नहीं किया जाएगा।
    बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियम, 2010 में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई, जिसके तहत ‘निराश्रित’ शब्द को अधिक स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है तथा लाभ प्राप्त करने के लिए प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार, वे महिलाएं जिन्हें उनके पति ने छोड़ दिया है, जो उनके साथ नहीं रह रही हैं और जिनकी आय का कोई स्वतंत्र स्रोत नहीं है, उन्हें निराश्रित महिला माना जाएगा।
    मंत्रिमंडल ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति के अंतर्गत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का 40 प्रतिशत चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए देने का निर्णय लिया।
    बैठक में एकमुश्त माफी योजना का लाभ लेने के बावजूद समय पर शुरू न हुई 15 जलविद्युत परियोजनाओं को रद्द करने की भी स्वीकृति दी।
    मंत्रिमंडल ने पंडोह में 10 मेगावाट क्षमता की लघु जलविद्युत परियोजना को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) को इस शर्त पर आवंटित करने का निर्णय लिया कि बीबीएमबी उपयोग में न लाई गई भूमि राज्य सरकार को वापस करेगा। इस परियोजना से राज्य सरकार को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली तथा 5 प्रतिशत बिजली हिस्सेदारी के रूप में प्राप्त होगी।
    बैठक में सिंगल विलेज स्कीम तथा मल्टी विलेज स्कीम के अंतर्गत गांवों में स्थापित अधोसंरचना के संचालन एवं रख-रखाव नीति के तहत ग्राम पंचायतों को सौंपने की स्वीकृति प्रदान की गई।
    मंत्रिमंडल ने ढगवार में क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड के गठन को स्वीकृति प्रदान की, जिसमें कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के दुग्ध उत्पादक शामिल होंगे। साथ ही, ढगवार दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र के प्रबंधन और संचालन के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
    बैठक में चंडीगढ़ - शिमला - चंडीगढ़ हेलीकॉप्टर टैक्सी सेवा को सप्ताह में तीन उड़ानों से बढ़ाकर बारह उड़ानें करने की स्वीकृति प्रदान की गई। अब छह दिनों तक प्रतिदिन दो उड़ानें संचालित होंगी और इसके संचालन को सुचारु रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा वायबिलिटी गैप फंडिंग प्रदान की जाएगी।
    मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल शक्ति विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन राज्य सरकार के संसाधनों से जारी करने का निर्णय लिया, क्योंकि भारत सरकार द्वारा अभी तक इस मिशन के तहत धनराशि जारी नहीं की गई है।
    बैठक में तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न सरकारी इंजीनियरिंग एवं फार्मेसी महाविद्यालयों में 60 कनिष्ठ सहायक प्रवक्ता के पद भरने को स्वीकृति दी।
    सहकारिता विभाग में सहायक पंजीयक सहकारी समिति के दो पद तथा निरीक्षक सहकारी समिति के 30 पद भरने की स्वीकृति भी दी गई।
    मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग के खेल छात्रावासों में कोच के 16 पद भरने का निर्णय लिया। 
    इसके अलावा, सूचना एवं जन संपर्क विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के तीन पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
    मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिले के खरीड़ी स्थित खेल छात्रावास की क्षमता को बढ़ाकर 100 बिस्तर करने तथा इसे राज्य स्तरीय खेल उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने को स्वीकृति प्रदान की।
    बैठक में ऊना जिले के गगरेट में उप-मंडलीय पुलिस कार्यालय स्थापित करने तथा इसके लिए आवश्यक पद सृजित करने और भरने की स्वीकृति दी गई।
    मंत्रिमंडल ने जिला शिमला के कोटखाई में नया कंेद्रीय विद्यालय खोलने के लिए कोटखाई के मौजा कुफ्टू तथा जिला सिरमौर की तहसील पांवटा साहिब में उपलब्ध भूमि को शिक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने को स्वीकृति प्रदान की।
    बैठक में पुलिस जिला नूरपुर में पुलिस पोस्ट कोटला को पुलिस स्टेशन में स्तरोन्नत कर आवश्यक पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया।
    मंत्रिमंडल ने ऊना जिले के टाहलीवाल स्थित फायर पोस्ट को उप अग्निशमन केंद्र में स्तरोन्नत करने तथा इसके संचालन के लिए आवश्यक पद सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की।
    बैठक में वर्ष 2016 में चयनित पटवारी पद के शेष सात अभ्यर्थियों को लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों में रिक्त पदों के तहत नियुक्त करने की स्वीकृति दी।
    मंत्रिमंडल ने हिमुडा के पक्ष में 80 वर्ष की लीज़ प्रदान करने की स्वीकृति दी, जिसके लिए हिमाचल प्रदेश लीज़ नियम, 2013 के नियम 7 में संशोधन किया जाएगा। पूर्व में राज्य सरकार 40 वर्ष से अधिक अवधि के लिए भूमि लीज़ पर नहीं दे सकती थी।
    बैठक में सिरमौर जिले में शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालिक जल वाहक, जिन्होंने सात वर्ष अंशकालिक जल वाहक तथा चार वर्ष दैनिक वेतनभोगी के रूप में 31 मार्च 2025 तक 11 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है उनकी सेवाओं को नियमित करने का निर्णय भी लिया गया।
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  • उप-मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से की भेंट
    उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज लोक भवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की।
    इस अवसर पर श्री अग्निहोत्री ने श्री शुक्ल को तेलंगाना के राज्यपाल नियुक्त होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
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  • मुझे 70 हजार करोड़ रुपये मिलते, तो आज हिमाचल कर्ज मुक्त होताः मुख्यमंत्री
    कभी बंद नहीं होगी सरकारी कर्मचारियों की ओपीएसः सीएम
     
     मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज जिला मंडी के नाचन विधानसभा क्षेत्र के दियारगी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए छातर में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने की घोषणा की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल और कांग्रेस नेता नरेश चौहान की हर मांग को पूरा करने की घोषणा भी की। उन्होंने जनसभा में उपस्थित सभी महिला मंडलों को 51-51 हजार रुपये देने की भी घोषणा की।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 16वें वित्तायोग ने हिमाचल प्रदेश के लोगों के अधिकार को राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के रूप में मिलने वाले 10 हजार करोड़ रुपये को बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार को पांच वर्षों में 54 हजार करोड़ रुपये आरडीजी और 16 हजार करोड़ रुपये जीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में मिले। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री ने वित्तीय अनुशासन रखा होता तो 30 हजार करोड़ रुपये कर्ज कम हो सकता था। पूरे प्रदेश में एक हजार करोड़ रुपये के भवन बना दिए, जो आज खाली पड़े हैं। वर्तमान सरकार को 17 हजार करोड़ रुपये आरडीजी के रूप में मिला और अब अगले वित्त वर्ष से वह भी बंद हो गया है। फिर भी हमने 14 प्रतिशत डीए और सत्तर वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पेंशनरों के एरियर भुगतान किया है। अगर मुझे इतना पैसा मिला होता, तो आज हिमाचल प्रदेश कर्ज मुक्त होता।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला मंडी ने भाजपा को नौ सीटें दी, पिछली भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री भी मंडी जिला से थे, लेकिन मेडिकल कॉलेज नेरचौक के हाल भी बदतर थे। उन्होंने कहा कि आज से हमने नेरचौक में रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत कर दी है। उन्होंने कहा, ‘‘प्राइवेट अस्पताल में यह ऑपरेशन पांच लाख से होता है, जबकि हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में यह ऑपरेशन 50 हजार रुपये में होगा। नेरचौक में कैथ लैब स्थापित करने के लिए 12 करोड़ रुपये दिए।’’
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कभी भी पुरानी पेंशन स्कीम बंद नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहली ही कैबिनेट में ओपीएस दी और यह किसी भी राजनीतिक मंशा से नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं एक सरकारी कर्मचारी के बेटे हैं और किसी भी कीमत पर पुरानी पेंशन को बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का हित सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार एरियर भी देगी और हर चुनौती का सामना करेंगे।
    उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारियों की सूची तैयार की जाएगी और जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। चिट्टे के कारोबार में संलिप्त कोई भी व्यक्ति नहीं बचेगा, कर्मचारी बर्खास्त होंगे और चिट्टा तस्करों की संपत्ति नेस्तनाबूद कर दी जाएगी।
     
    भाजपा को हिमाचल विरोधी करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आपदा के दौरान भाजपा बार-बार विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करते थे, जबकि पूरी कांग्रेस सरकार प्रभावित परिवारों की मदद में जुटी थी। लेकिन जब हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज दिलाने का प्रस्ताव आया तो भाजपा विधायक नारे लगाते हुए विधानसभा से बाहर चले गए। उन्होंने कहा कि मैं आम आदमी का दर्द जानता हूं। इसलिए आपदा प्रभावितों की मदद के लिए नियमों में संशोधन कर आशातीत वृद्धि की। वर्ष 2023 में पूरा घर नष्ट होने पर सात लाख रुपये दिए गए, जबकि इस वर्ष 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। आरडीजी पर भी राज्य सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, लेकिन वहां भी हिमाचल के अधिकारों के लिए भाजपा साथ नहीं खड़ी हुई। उन्होंने कहा कि अगर हिमाचल प्रदेश को उसके अधिकार दे दिए जाएं तो हमें किसी से कुछ भी मांगने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा आज पांच गुटों में बंटी है। उन्होंने कहा कि नाचन के विधायक विनोद कुमार को भी भाजपा के बाकी चार गुटों से खतरा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने आपदा में प्रभावित हॉर्टिकल्चर कॉलेज थुनाग को चैलचौक शिफ्ट करने की बात की तो नेता विपक्ष ने नाचन का विरोध किया। उन्होंने कहा ‘‘जयराम जी तब मंडी भूल गए और उन्हें सिराज याद आ गया।’’
    श्री सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने चुनावी लाभ के लिए 5000 करोड़ रुपये की रेवड़ियां बांट दी। चुनाव से छह महीने पहले पूरे प्रदेश में अनेकों संस्थान खोल दिए। स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों को स्तरोन्नत किया गया, जिसके लिए स्टाफ का कोई प्रावधान नहीं किया गया। दूसरे संस्थान से स्टाफ ट्रांसफर किए गए जिससे दोनों संस्थानों के शिक्षा स्तर में गिरावट आई। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुणात्मक शिक्षा के मामले में राज्य देश भर में 21वें स्थान पर पहुंच गया। भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने रिक्त पदों को भरा और आज हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के मामले में 5वें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा ‘‘सरकार स्कूलों के बच्चे भी सीबीएसई पाठ्îक्रम पढ़ना चाहते हैं। इसीलिए हमने प्रदेश में सीबीएसई स्कूल खोलने की शुरूआत की है। मैं नाचन के तीन स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित बनाने की घोषणा करता हूं तीन महीने में तीन हजार अध्यापकों की भर्ती सीबीएसई अध्यापकों की भर्ती की जाएगी।’’
    नाचन के विधायक विनोद कुमार ने कहा कि वह लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र का विकास सुनिश्चित करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए संकल्प लिया और वह इस कार्यक्रम की सफलता के लिए राज्य सरकार को भरपूर साथ देंगे।
    हिमाचल प्रदेश एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल ने शिलान्यास और उद्घाटनों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 और 2025 प्रदेश के साथ-साथ नाचन विधानसभा क्षेत्र के लोगों को आपदा का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ग्राउंड जीरो से रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व किया और प्रभावित परिवारों की भरपूर मदद की। कर्मचारियों के हित के लिए ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पहली ही कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों को ओपीएस दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भी कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन दी लेकिन भाजपा की सरकार बनते ही उसे बंद कर दिया गया।
    प्रदेश जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा ने कहा कि ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू एक संवेदनशील और दूरदर्शी मुख्यमंत्री हैं। अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रुप में अपनाया गया और आपदा प्रभावितों के लिए मुआवजा राशि में ऐतिहासिक बढ़ौतरी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच हिमाचल प्रदेश को आगे ले जाने की है।
    इस अवसर पर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, इंद्र सिंह गांधी, पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, पूर्व विधायक सोहन सिंह ठाकुर और बंबर ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर, एपीएमसी मंडी के चेयरमैन संजीव गुलेरिया, प्रदेश कौशल विकास निगम के समन्वयक अतुल कड़ोहता, हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के सदस्य विजय पाल सिंह, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, नरेश चौहान, लाल सिंह कौशल, जीवन ठाकुर, जगदीश रेड्डी, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंघमार, डीसी मंडी अपूर्व देवगण, एसपी मंडी विनोद कुमार तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 
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  • मुख्यमंत्री ने मंडी के दियाड़गी में 60 करोड़ रुपये की 14 परियोजनाएं की लोगों को समर्पित
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज मंडी जिला के एक दिवसीय दौरे के दौरान, बल्ह के दियाड़गी में लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत की 14 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए।
    मुख्यमंत्री ने नाबार्ड के अंतर्गत 25.99 करोड़ रुपये की लागत से शिमला-मंडी सड़क वाया तत्तापानी (चैल चौक से बग्गी) के उन्नयन कार्य का उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने 6.96 करोड़ रुपये की लागत से नाबार्ड के तहत नेहरा से फगोह वाया कुथल, बगला, लोअर नातन मार्ग तथा कांशा खड्ड पर मोटरेबल पुल सहित सड़क का उद्घाटन किया।
    उन्होंने 2.75 करोड़ रुपये की लागत से धनोटू में निर्मित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह, तहसील बल्ह के चम्यार में 12 लाख रुपये की लागत से निर्मित पटवार भवन, ग्राम पंचायत कोटली में 14 लाख रुपये की लागत से निर्मित ‘अपना पुस्तकालय’, जाछ (झुंगी) में 55 लाख रुपये की लागत से निर्मित लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता कार्यालय एवं आवास भवन का उद्घाटन किया।
    मुख्यमंत्री ने निचली बेहली में 37 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक केन्द्र तथा 38-38 लाख रुपये की लागत से जाच और फंगवास में सामुदायिक केंद्रों का भी उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने ग्राम पंचायत पंडोह में 8 लाख रुपये की लागत से निर्मित पुस्तकालय का लोकार्पण भी किया।
    इसके अतिरिक्त उन्होंने 3.08 करोड़ रुपये की लागत से तहसील सुंदरनगर की चौक, महादेव, अपर बेहली, चंबी, पलोहोटा, जय देवी तथा बलाना ग्राम पंचायतों के लिए उठाऊ जलापूर्ति योजना का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 3.14 करोड़ रुपये की लागत से जल जीवन मिशन के अंतर्गत तहसील बल्ह की ग्राम पंचायत धाबन और लोहारा तथा टांडा की बस्तियों के लिए उठाऊ जलापूर्ति योजना तथा 11.57 करोड़ रुपये की लागत से तहसील चच्योट की ग्राम पंचायत सैंज और नंदी के विभिन्न गांवों के लिए उठाऊ जलापूर्ति योजना को भी लोगों को समर्पित किया। 
    इसके अलावा मुख्यमंत्री ने 3.67 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली गडोग नाला से बरनोग सड़क का शिलान्यास भी किया।
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