News Flash: समाचार फ़्लैश:
  • मुख्यमंत्री ने 3.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रोटरी आश्रय का लोकार्पण किया
  • मुख्यमंत्री ने विधायक सुभाष ठाकुर की माता के निधन पर शोक व्यक्त किया
  • मोस्ट इम्प्रूवड बिग स्टेट्स इन हेल्थ सर्वे में हिमाचल प्रदेश को पहला स्थान
  • हिपा ने किया विभागीय परीक्षाओं का परिणाम घोषित
  • हिमाचल प्रदेश पुलिस राष्ट्रपति कलर अवार्ड से सम्मानित
  • प्रदेश ने नवंबर में वस्तु एवं सेवा कर के संग्रह में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ जीएसटी से 385.21 करोड़ रुपए जुटाए
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  • हिमाचल प्रदेश पुलिस राष्ट्रपति कलर अवार्ड से सम्मानित
     
     
    हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा आज यहां ऐतिहासिक रिज मैदान में प्रेजिडेंट कलर अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर बतौर मुख्य अतिथि और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। राज्यपाल ने प्रदेश पुलिस को राष्ट्रपति कलर अवार्ड से सम्मानित किया। यह पुरस्कार पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने प्राप्त किया।
     
    राज्यपाल ने प्रदेश पुलिस को प्रेजिडेंट कलर मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि यह भारत का आठवां राज्य पुलिस बल है जिसे यह गौरव प्राप्त हुआ है।
     
    उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस को प्रेजिडेंट कलर पुरस्कार मिलना एक विशेष उपलब्धि है जो यह साबित करता है कि हिमाचल पुलिस प्रदर्शन, निपुणता, अखण्डता, मानव अधिकारों की सुरक्षा और अन्य मानकों के साथ मानवता की सेवा में उच्च स्थान रखती है।
     
    उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार प्रदेश पुलिस के कर्मियों के अथक योगदान के लिए प्रदान किया गया है जिन्होंने विश्वसनीय, व्यवसायिक और ईमानदारी से एक जन हितैषी के रूप में वर्षों अथक कार्य किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अवार्ड पुलिस कर्मियों को और बेहतर ढंग से जन सेवा के लिए प्रोत्साहित करेगा।  
     
    इस अवसर पर मीडिया कर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश पुलिस को उल्लेखनीय सेवाओं के लिए भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रेजिडेंशियल अवार्ड प्राप्त होेने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह किसी भी पुलिस कर्मी के जीवन की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। हिमाचल प्रदेश पुलिस देश का आठवां पुलिस बल है जिसे प्रेजिडेंशियल अवार्ड प्राप्त हुआ है।
     
    पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा कि प्रेजिडेंटस कलर केवल एक पुरस्कार नहीं अपितु यह एक जिम्मेदारी भी है जिसे हिमाचल प्रदेश पुलिस को अब और अधिक ईमानदारी, दक्षता और अनुशासन के साथ निभाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस का प्रत्येक जवान देव भूमि हिमाचल प्रदेश की सुरक्षा और यहां शांति बनाए रखने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने राज्यपाल को प्रेजिडेंटस कलर पुरस्कार प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया।
     
     इससे पूर्व राज्यपाल ने परेड का निरीक्षण किया।
     
    पुलिस बैंड द्वारा होलो स्क्वेयर व बैंड की धुनों की प्रस्तुति और रंगों से अभिषेक मुख्य आकर्षण रहा।
     
    अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।
     
    शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, पुलिस विभाग व सेना के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व पुलिस अधीक्षक गण और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
     
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  • मुख्यमंत्री ने 3.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रोटरी आश्रय का लोकार्पण किया
     
     
    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां आई.जी.एम.सी कैंसर अस्पताल के निकट रोटरी आश्रय (सराय भवन) का लोकार्पण किया। इस भवन का निर्माण शिमला रोटरी चेरिटेबल ट्रस्ट और तुलसीराम भागीरथ राम मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट चंडीगढ़ द्वारा कैंसर रोगियों और उनके सहायकों की सुविधा के लिए किया गया है।
     
     इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रोटरी ट्रस्ट मानवता की सेवा में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि 3.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस सराय में दो और तीन बिस्तरों की सुविधा वाले 13 कमरे हैं तथा दस बिस्तरों की क्षमता वाले दो शयनकक्ष हैं। इस सराय में 50 लोगों की ठहरने तथा दो मंजिलों में लगभग 35 कारों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी कैंसर अस्पताल की संस्तुति पर रोगियों और उनके तिमारदारों को कमरे उपलब्ध करवाए जाएंगे।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सराय गैर-लाभकारी आधार पर संचालित की जाएगी और जरूरतमंद लोगों को बहुत कम दरों पर यह कमरे उपलब्ध करवाएं जाएंगे। उन्होंने रोटरी क्लब और अन्य संगठनों का इस परोपकारी कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा कैंसर मरीजों के सहायकों को आवश्यक राहत प्रदान करेगी।
     
    जय राम ठाकुर ने कहा कि रोटरी कलब, तुलसी राम भागीरथ राम मेमोरियल ट्रस्ट और एस.जे.वी.एन.एल. के सामूहिक प्रयास कैंसर मरीजों और उनके तिमारदारों के लिए लाभदायक सिद्ध होंगे।
     
    शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि कैंसर मरीजों के लिए यह सुविधा आवश्यक राहत प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब प्रदेश में जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने वाले अग्रणी क्लबों में से एक है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत शिमला में बुक कैफे विकसित किया जाएगा जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को बैठने के लिए अलग से स्थान दिया जाएगा।
     
    नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल ने सराय भवन के निर्माण के लिए रोटरी क्लब का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस भवन के माध्यम से कैंसर मरीजों को आवश्यक सहायता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के संकट काल में एस.जे.वी.एन.एल. ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
     
    एस.जे.वी.एन.एल की निदेशक और एस.जे.वी.एन.एल फाउंडेशन की अध्यक्ष गीता कपूर ने कहा कि व्यवसायिक सामाजिक दायित्व (सीएसआर) एस.जे.वी.एन.एल के महत्त्वपूर्ण सामाजिक घटकों में से एक हैं।
     
    इस परियोजना के अध्यक्ष वी.पी. कालटा ने कहा कि इस महत्त्वकांक्षी परियोजना की परिकल्पना वर्ष-2009 में की गई थी और अब इसे पूर्ण करने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण परियोजना के कार्य में विलम्ब हुआ है। उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब शिमला शहर के बुजुर्गों के लिए एक मनोरंजन केंद्र बनाना चाहता है।
     
    इस अवसर पर पूर्व महापौर, पूर्व विधायक एवं तुलसी राम भागीरथ राम मैमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी आदर्श सूद ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस सराय का निर्माण कैंसर रोगियों के तिमारदारों को रहने की सुविधा प्रदान करने के लिए किया गया है। रोटरी ने इस भवन के निर्माण में 1.60 लाख रुपये का योगदान दिया है।
     
    उप महापौर शैलेंद्र चैहान, अध्यक्ष रोटरी क्लब के.के. खन्ना, डिस्ट्रिक गवर्नर अजय मदान, सचिव कमल बुटेल, आईजीएमसी के प्रधानाचार्य डाॅ. सुरिन्द्र सिंह, चिकित्सा अधीक्षक आईजीएमसी डाॅ. जनक राज, तुलसी राम भागीरथ मैमोरियल ट्रस्ट के ट्रस्टी सहित अन्य गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे।
     
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  • मुख्यमंत्री ने शिमला में राज्य स्तरीय कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर का शुभारंभ किया
     
    प्रदेश सरकार इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में कृत्रिम अंग प्रदान करने की सुविधा आरम्भ करने के लिए कदम उठाएगी, इसके लिए चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों को प्रर्याप्त प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि राज्य में जरूरतमंद इस सुविधा से वंचित न रहें। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज राज्य सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति-जयपुर-फुट के सहयोग से कृत्रिम अंगों के प्रत्यारोपण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर का शुभारम्भ करते हुए कही।
     
     मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति पीडि़त मानवता की मदद कर बहुत सराहनीय सेवा कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी दुर्घटना के कारण विकलांग हुए लोगों को कृत्रिम अंग प्रदान किए जा रहे हैं ताकि वह अपने सपनों को साकार कर सकें। इससे उनके जीवन में आशा की एक नई उम्मीद जगी है।
     
    जय राम ठाकुर ने कहा कि भगवान महावीर विकलांगता सहायता समिति की स्थापना डी.आर. मेहता ने 1975 में दिव्यांगों के कल्याण के लिए की और तब से यह समिति लगातार दिव्यांगों की सेवा और कल्याण के लिए कार्यरत है। यह समिति दिव्यांगों के कल्याण के लिए कार्य करने वाली विश्व की सबसे बड़ी संस्था के रूप मंे उभरी है। उन्होंने कहा कि जन्म से जुड़ी दिव्यांगता से बचने के लिए आज विज्ञान ने काफी प्रगति की है लेकिन कई बार यह दिव्यांगता किसी तरह की बीमारी या दुर्घटना के कारण भी हो सकती है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि शारीरिक अक्षमता से ग्रसित कई लोगों ने कठिन परिश्रम और प्रतिबद्धता से जीवन में बहुत कुछ हासिल किया है। उन्होंने कहा कि विशेष ओलम्पिक में शारीरिक रूप से दिव्यांग देश व राज्य के युवाओं ने न केवल स्वयं  बल्कि देश के लिए भी गौरव हासिल किया है। उन्होंने कहा कि ऊना जिला के निषाद कुमार ने ओलम्पिक में रजत पदक जीता है। उत्तर प्रदेश राज्य की अरूणिमा सिन्हा ने एक दुर्घटना में अपनी टांग खोने के बावजूद माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त की। उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छा शक्ति और प्रतिबद्धता के साथ जीवन में कुछ भी हासिल करने का यह सबसे उपयुक्त उदाहरण है।
     
    जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार विशेष रूप से सक्षम लोगों और दिव्यांगों को हर सम्भव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीज के परिवार को सहारा योजना के तहत तीन हजार रुपये प्रतिमाह वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत बीस हजार लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
     
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के चिकित्सकों और तकनीकी कर्मियों को सम्मानित किया।
     
    शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का पहला ही निर्णय वृद्धजनों के कल्याण पर केन्द्रित था। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ प्राप्त करने की आयु सीमा को 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष किया गया है और इसे वृद्ध महिलाओं के लिए और कम करके 65 वर्ष किया गया है।
     
    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चैधरी ने कहा कि भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति वास्तव में जरूरतमंद लोगों को कृत्रिम अंग प्रदान करने की सेवा में सराहनीय कार्य कर रही है। उनके इस कार्य से जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर मुस्कान आई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृत्रिम अंगों की आवश्यकता वाले 400 से अधिक लोगों की पहचान की गई है। प्रदेश सरकार समाज के कमजोर वर्ग के कल्याण करने के लिए प्रतिबद्ध है और उनके उत्थान के लिए कई योजनाएं शुरू की गई है। उन्होंने विभाग द्वारा विशेष रूप से सक्षम लोगों के कल्याण के लिए शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विशेष रूप से सक्षम लोगों के लिए दिव्यांग कल्याण बोर्ड और विकलांग जन कल्याण बोर्ड का भी गठन किया है।
     
    अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण विभाग के निदेशक विवेक भाटिया इस अवसर पर मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि श्री भगवान महावीर सेवा समिति द्वारा आयोजित यह अपनी तरह का पहला शिविर है।
     
    पूर्व सांसद और अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष वीरेन्द्र कश्यप, महापौर सत्या कौंडल, उप महापौर शैलेन्द्र चैहान, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह और भगवान महावीर सेवा समिति के डाॅ. विजय भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
     
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  • मुख्यमंत्री ने डाॅ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के 37वें स्थापना दिवस को वर्चुअल सम्बोधित किया
     
     
      विश्वविद्यालय अधिक से अधिक कृषकों को खाद्य प्रसंस्करण में प्रशिक्षित कर नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करेंः जय राम ठाकुर
     
    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम से डाॅ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के 37वें स्थापना दिवस के अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि हिमाचल प्रदेश ने बागवानी क्षेत्र मेें आशातीत प्रगति की है और यह क्षेत्र कृषि अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने में महत्त्वपूर्ण घटक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन में बागवानी क्षेत्र का योगदान लगभग 33 प्रतिशत है और केवल सेब का ही वार्षिक कारोबार पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी क्षेत्र रोजगार सृजन, पोषण सुरक्षा और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों मेें निरन्तर अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
     
    जय राम ठाकुर ने कहा कि डाॅ. वाई.एस. परमार विश्वविद्यालय जैसे उच्चतर शैक्षणिक संस्थान नवीनतम ज्ञान और तकनीक विकसित करने और कृषि समुदाय तक इनकी पहंुच बनाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में बागवानी विश्वविद्यालय की स्थापना में हिमाचल प्रदेश के संस्थापक एवं प्रथम मुख्यमंत्री डाॅ. वाई.एस. परमार के अमूल्य योगदान को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान प्रदेश की अर्थव्यवस्था मंे बागवानी क्षेत्र ने बहुत महत्त्वपूर्ण सहायता प्रदान की है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अटल नवाचार सूची में विश्वविद्यालय को ए-ग्रेड दिया गया है और भारतीय कृषि अनुसंधान द्वारा मान्यता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालय की सूची में इसे 11वां स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि अपनी स्थापना से अब तक इस विश्वविद्यालय से 7,376 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं और वर्तमान में विश्वविद्यालय के विभिन्न डिग्री कार्यक्रमों के अन्तर्गत 2,627 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने जिला मंडी के थुनाग में बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय भी स्थापित किया है।
     
    उन्होंने आग्रह किया कि विश्वविद्यालय प्रशिक्षित मानव संसाधन और नवीनतम तकनीक का सृजन कर इस तकनीक और ज्ञान को किसानों तक पहुंचाए ताकि वे अपनी आय व जीवन स्तर और बेहतर कर सकंे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ऐतिहासिक नई शिक्षा नीति-2020 के सफलतापूर्वक क्रियान्नवयन के लिए एक टास्क फोर्स का भी गठन किया है। विश्वविद्यालय द्वारा इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक विजन डाॅक्यूमैंट भी लगभग तैयार है जिससे विद्यार्थी लाभान्वित होंगे और देश में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात होगा।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल अपनी नैसर्गिक सुन्दरता के लिए विश्व प्रसिद्ध है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में पयर्टन के साथ बागवानी क्षेत्र महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के इको-टूरिजम माॅडल को स्थापित करने के लिए बागवानी और पर्यटन क्षेत्र को मिलकर आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को भी खाद्य प्रसंस्करण की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय अधिक से अधिक कृषकों को खाद्य प्रसंस्करण में प्रशिक्षित करे और नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करें ताकि उन्हें अपने उत्पाद के अच्छे मूल्य प्राप्त हो। जय राम ठाकुर ने कहा कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में विभिन्न वित्तीय संस्थानों की 80 से अधिक परियोजनाएं चल रही हैं और पिछले एक वर्ष के दौरान विश्वविद्यालय 7.45 करोड़ रुपये की 18 नई परियोजनाएं प्राप्त करने मंे सफल रहा है। प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय की विभिन्न परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक तथा एशियन विकास बैंक द्वारा वित्त पोषित बागवानी विकास परियोजना एवं भारतीय कृषि अनुसंधान द्वारा 25 करोड़ रुपये की संस्थागत विकास योजना को भी प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान प्रदान किया गया है।
     
    उन्होंने आशा व्यक्त की कि आज सम्मानित होने वाले प्रत्येक जिले के प्रगतिशील किसान अपना ज्ञान और अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा करेंगे।
     
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आठ करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इलैक्ट्राॅन माइक्रोस्कोपी लैब का भी लोकार्पण किया।
     
    विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. परविन्दर कौशल ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य लोगों का स्वागत करते हुए उन्हें विश्वविद्यालयों की विभिन्न उपलब्धियों से अवगत करवाया।
     
    जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर, वन मंत्री राकेश पठानिया और विधायक कर्नल धनीराम शांडिल नौणी विश्वविद्यालय परिसर से और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डाॅ. राम लाल मारकंडा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा मुख्यमंत्री के साथ शिमला से इस अवसर पर उपस्थित थे।
     
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  • राज्य सरकार प्रदेश को देश का सबसे पसंदीदा पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए कृतसंकल्पः मुख्यमंत्री
     
     
    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को देश का सबसे पसंदीदा पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए कृत संकल्प है और इसके लिए प्रदेश में पर्यटन आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ हुए सैलानियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। वह आज मनाली में ज़ी पंजाब हरियाणा हिमाचल द्वारा आयोजित मनाली टूरिज्म काॅन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के संकटकाल मंे पर्यटन उद्योग पर सबसे अधिक विपरीत प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि महामारी के दौर में सरकार का मुख्य ध्येय इस उद्योग को बचाना था और अब पर्यटन उद्योग के पुनरूत्थान पर ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में पर्यटन क्षेत्र का 7.3 प्रतिशत योगदान है। यह क्षेत्र स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ युवाओं को स्वरोजगार का अवसर भी प्रदान करता है।
     
     जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के अनछुए पर्यटन गंतव्यों में सैलानियों को आकर्षित करने के लिए एक नई योजना नई राहें नई मंजिलें आरम्भ की है। इस योजना के तहत गत चार वर्षों में लगभग 200 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत कांगड़ा जिला के बिलिंग को पैराग्लाईडिंग और साहसिक खेलों के गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी प्रकार शिमला जिला के चांशल को शीतकालीन खेलों के गंतव्य, मंडी जिला के जंजैहली को इको-पर्यटन गंतव्य और कांगड़ा जिला के पौंग डैम को जल क्रीड़ा गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है।
     
     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार एशियन विकास बैंक से राज्य के लिए 2095 करोड़ रुपये की पर्यटन परियोजना स्वीकृत करवाने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अन्तर्गत लगभग 700 करोड़ रुपये के कार्यों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि मंडी में स्थापित किया जा रहा शिवधाम प्रदेश में आने वाले सैलानियों के लिए आकर्षण का एक प्रमुख केंद्र होगा।
     
    जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हवाई सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य रही है। मंडी जिला के नागचला में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का निर्माण करनके के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस हवाई अड्डे के लिए वित आयोग ने एक हजार करोड़ रुपये की अनुशंसा की है और इसके निर्माण से राज्य में न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि इसका सामरिक महत्व भी है।
     
    सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डाॅ. राम लाल मारकंडा और शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने भी काॅनक्लेव में भाग लिया।
     
    प्रधान सचिव पर्यटन सुभाशीष पांडा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
     
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  • मुख्यमंत्री ने धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र मंे 381 करोड़ रुपये की 96 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए
     
         धर्मपुर में लोक निर्माण विभाग का वृत कार्यालय खोलने व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मण्डप को स्तरोन्नत कर 50 बिस्तर का अस्पताल बनाने की घोषणा की
     
     
     
    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और राज्य के प्रत्येक क्षेत्र का चहंुमुखी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। वह मंडी जिला के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र मंे 381 करोड़ रुपये की 96 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
     
     मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मपुर क्षेत्र के लोग भाग्यशाली हैं कि उन्हें प्रदेश विधानसभा में प्रतिनिधित्व के लिए एक करिश्माई और समर्पित नेतृत्व प्राप्त है। उन्होंने कहा कि धर्मपुर क्षेत्र के लिए आज एक ऐतिहासिक अवसर है जब 381 करोड़ रुपये की 96 विकास परियोजनाएं लोगों को समर्पित की गई हैं।
     
    जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी में विश्व अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से झकझोर दिया है और हिमाचल भी इसका अपवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय नेतृत्व और राज्य सरकार के सामयिक निर्णयों तथा लोगों की सक्रिय सहभागिता से देश और प्रदेश इस स्थिति से बेहतरीन ढंग से निपटने में सफल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी के बावजूद उन्होंने राज्य के 42 विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 4500 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल कांगे्रस ने इस आपदा के दौरान कुछ नहीं किया और वे इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण करने में ही व्यस्त रहे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को याद दिलाते हुए कहा कि महामारी के प्रसार के दौरान प्रदेश में केवल 50 वेंटिलेटर ही उपलब्ध थे जबकि आज एक हजार से अधिक वेंटिलेटर राज्य में उपलब्ध है।
     
     जय राम ठाकुर ने कहा कि जल जीवन मिशन प्रदेश के लोगों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है और प्रदेश सरकार अगले वर्ष के मध्य तक राज्य के प्रत्येक घर तक नल से जल उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
     
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गंभीर रूप से बीमार लोगों को बेहतर उपचार सुविधा प्रदान करने के लिए सहारा योजना प्रारम्भ की है जिसके अन्तर्गत प्रतिमाह तीन हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। गृहिणी सुविधा योजना के अन्तर्गत 3.25 लाख परिवारों को निःशुल्क गैस कनैक्शन उपलब्ध करवाए गए हैं। हिमकेयर योजना के तहत पात्र परिवारों को 5.25 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जा रहा है और योजना के अन्तर्गत 2 लाख सात हजार परिवारों को लाभ पहुंचा है। वृद्धजनों, विधवा, परित्यक्त और विशेष रूप से सक्षम लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। बी.पी.एल. परिवारों से संबंधित बेटियों के विवाह पर उन्हें शगुन योजना के अन्तर्गत 31 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 50 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने कभी ऐसी कल्याणकारी योजनाओं पर विचार नहीं किया और वे केवल अपने विकास में ही व्यस्त रहे।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में हुए उप-चुनावों के परिणामों ने कांग्रेस को केवल कुछ समय के लिए खुश होने का अवसर दिया है और वर्ष-2022 के आम चुनावों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और भारतीय जनता पार्टी राज्य में फिर से सरकार गठित करेगी। उन्होंने कहा कि देश आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षित है और पड़ोसी देशों के किसी भी शरारतपूर्ण कदम का मुंह तोड़ जवाब देने में पूरी तरह से सक्षम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व एवं राजनैतिक इच्छाशक्ति के कारण ही धारा 370 का निरसन और अयोध्या मंे राम मन्दिर का निर्माण सम्भव हुआ है।
     
     मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर धर्मपुर में लोक निर्माण विभाग का वृत कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मण्डप को स्तरोन्नत कर 50 बिस्तर का अस्पताल बनाने, सयोह में स्थित पशु औषधालय को स्तरोन्नत कर पशु अस्पताल बनाने, दराबा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने, बनेरड़ी में पशु औषधालय खोलने, धर्मपुर से दिल्ली तक वोल्वो बस सेवा प्रारम्भ करने, क्षेत्र के तीन अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्तरोन्नत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने और क्षेत्र की दो राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में विज्ञान संकाय की कक्षाएं प्रारम्भ करने की घोषणा की।
     
     जय राम ठाकुर ने संधोल और तनिहार में हेलीपैड के निर्माण, धर्मपुर स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय भवन की मरम्मत के लिए दस लाख रुपये, क्षेत्र की चार सड़कों के लिए दस लाख रुपये प्रत्येक और धर्मपुर बस अड्डे पर इन्टरलाॅकिंग टाइल्स के लिए 15 लाख रुपये प्रदान करने की भी घोषणा की।
     
    इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डरवाड़ में 45 लाख रुपये की लागत से निर्मित कर्मचारी आवास, धर्मपुर बस अड्डा के समीप 1.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 62 मीटर लम्बे पैदल पुल, 28 लाख रुपये की लागत से उप केंद्र मझयार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मण्डप में 58 लाख रुपये की लागत से निर्मित चार कमरों, राजकीय उच्च पाठशाला छात्र पिपली में 58 लाख रुपये की लागत से निर्मित चार कमरों, आठ करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय महाविद्यालय संधोल, चुरू-रा-बल्ह में 10.62 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 142 मीटर लम्बे पुल, हलोग से पैहड़ सड़क पर मकर नाला पर 2.90 करोड़ रुपये की लागत से 16.75 मीटर लम्बे पुल, पट्टी झंझैल कठियाली वाया दारकु सड़क पर सोन खड्ड पर 8.90 करोड़ की लागत से 75 मीटर लम्बे पुल, 65 लाख रुपये से निर्मित धर्मपुर से सतरेहड़ वाया मठी बनवाड़ सड़क, सयाठी सड़क पर 45 लाख रुपये से निर्मित नालड पुल, 1.74 करोड़ रुपये से निर्मित हुक्कल से सुन खड्ड सड़क, 4.45 करोड़ रुपये से निर्मित डबरोट से अरली परयाल सड़क, 3.50 करोड़ रुपये से निर्मित खोपौण से चुरू-रा-बल्ह सड़क, 3.34 करोड़ रुपये से स्तरोन्नत लौंगणी से सज्याओ सड़क और 3 करोड़ रुपये से स्तरोन्नत पारछू से सज्याओ सड़क का शुभारम्भ किया।
     
    जय राम ठाकुर ने संधोल, नेरी, दतवाड़, घनाला, सोहर, कोठुवां, धालरा और बैरी ग्राम पंचायतों के लिए 31.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, संधोल तहसील में हर घर नल से जल योजना के अन्तर्गत वर्तमान पेयजल आपूर्ति योजनाओं के सुधार और पुनरूद्धार कार्य, ग्राम पंचायत डरवाड़ की विभिन्न बस्तियों के लिए 13.20 करोड़ रुपये से निर्मित उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, धर्मपुर तहसील के  रखोह, चोथरा, अवाहदेवी, टिहरा और साथ लगते गांव के लिए 11.99 करोड़ रुपये की उठाऊ जलापूर्ति योजना, संधोल, सोहर, नेरी, दतवाड़ और घनाला पंचायतों के समूह के लिए 19.25 करोड़ रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना, भडू चस्वाल और छत्रयाणा के लिए 2.61 करोड़ रुपये के वर्षा जल संग्रहण ढांचे और उठाऊ सिंचाई योजना, मण्डप में 1.61 कराड़ रुपये के सहायक कार्यालय और आवासीय भवन तथा ग्राम पंचायत लौंगणी के नालड में एक करोड़ रुपये से निर्मित गौ-सदन का भी लोकार्पण किया।
     
    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जल शक्ति विभाग के मण्डप उप-मंडल के अन्तर्गत 17.08 करोड़ रुपये की विभिन्न पेयजल आपूर्ति योजनाओं के पुनस्र्थापन/मरम्मत कार्यों, जल शक्ति उप-मंडल टिहरा के अन्तर्गत 15.58 करोड़ रुपये से विभिन्न उठाऊ जलापूर्ति योजनाओं के पुनस्र्थापन/पुनरूद्धार कार्य, ग्राम पंचायत सज्याओ पिपलू में उठाऊ सिंचाई योजना पिपली के कैड के अन्तर्गत 53 लाख रुपये के कार्य, धर्मपुर तहसील में बरोटी, मण्डप, जोरढन क्षेत्र और इसके साथ लगते गांव के लिए उठाऊ सिंचाई योजना के लिए कैड के अन्तर्गत 31.64 करोड़ रुपये के कार्य, कैड के अन्तर्गत उठाऊ सिंचाई योजना बहरी से धवाली मढ़ी के 9.49 करोड़ रुपये, बिंगा, समोड़ और सकलाना के लिए उठाऊ सिंचाई योजना के 2.45 करोड़ रुपये के कैड के कार्य, धर्मपुर विकास खण्ड के अन्तर्गत भूरीं में लासणी खड्ड और डुग्घा नाला पर 7.05 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाली पर्वतधारा योजना, ग्राम पंचायत ततोली परदाना और बहरी के लिए 1.87 करोड़ रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना जोल मलुइया, जल शक्ति विभाग के धर्मपुर उप-मंडल के अन्तर्गत ग्राम पंचायत बहरी, लौंगणी और सकलाना की छूटी हुई बस्तियों के लिए 2.20 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना, ग्राम पंचायत लंगेहड़, चैरी और चनौता की छूटी हुई बस्तियों के लिए 1.91 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना, ग्राम पंचायत लौंगणी की छूटी हुई बस्तियों के लिए 2.82 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना, संधोल तहसील की 1.55 करोड़ रुपये से छेज गवैला से हलौण और उसके साथ लगते गांव के लिए निर्मित होने वाली उठाऊ जलापूर्ति योजना, धर्मपुर जलशक्ति उप-मंडल के अन्तर्गत जल जीवन मिशन की योजनाओं के जल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण के लिए 1.47 करोड़ रुपये के कार्य, कमलाह और मण्डप क्षेत्र के जल स्रोतो के सुदृढ़ीकरण के लिए 6.21 करोड़ रुपये के कार्य, कांढा पतन योजना के कमलाह चरण के जल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण के लिए 4.96 करोड़ रुपये के कार्य, जल शक्ति मण्डल सरकाघाट के अन्तर्गत रोपड़ी चैक और अन्य विभिन्न गांवों के लिए जल जीवन मिशन की योजनाओं के जल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण के लिए 5.40 करोड़ रुपये के कार्य और 9.88 करोड़ रुपये के एकीकृत मधुमक्खी विकास केंद्र जलेड़ा का शिलान्यास किया।
     
    मुख्यमंत्री ने 71 लाख रुपये के बक्कड़ी से अप्पर ग्वाला के लिए सम्पर्क सड़क, 82 लाख रुपये के गांव अलसेड के लिए सम्पर्क सड़क, 89 लाख रुपये से झांगी भूर चांदगाला भालू भलेऊ सम्पर्क सड़क, 68 लाख रुपये के गांव चूरा के लिए सम्पर्क सड़क, 71 लाख रुपये से जरेड से ठारू सम्पर्क सड़क, 1.27 करोड़ रुपये से भलेतुआं सियोह कल्तरी फडोल सड़क के ऊपर 30 मीटर स्पैन पुल, 3.17 करोड़ रुपये से धलौं से राख सड़क पर 60 मीटर स्पैन पुल, 1.73 करोड़ रुपये से सुन खड्ड के ऊपर 62 मीटर स्पैन पैदल पुल, 3.41 करोड़ रुपये की लागत से कंढापत्तन से चकियाणा सड़क पर 72 मीटर स्पैन पुल, 88 लाख रुपये की लागत से गरली से साहन सम्पर्क सड़क, धर्मपुर में 26.10 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाले संयुक्त कार्यालय भवन, कुज्जाबल्ह में 51 लाख रुपये से आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र, बरोटी में 57 लाख रुपये से आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र, 1.26 करोड़ रुपये की लागत से बक्कड़ खड्ड से रसाड़ी सम्पर्क सड़क, 63 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली हरिजन बस्ती कून के लिए सम्पर्क सड़क, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान पपलोग में 59 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले सभागार, 2.19 करोड़ रुपये से दवारडू दारकू पधर सड़क पर 30 मीटर स्पैन पुल, 3 करोड़ रुपये की लागत से शेरपुर से सरी बाया खबड़ सड़क पर जंदड खड्ड पर 40 मीटर स्पैन पुल, 1.42 करोड़ रुपये की लागत से खनौर फकदोल कलतरी बेरी कोठवां के लिए सम्पर्क सड़क, 86 लाख रुपये की लागत से पपलोग खड्ड पर 16.75 मीटर स्पैन पुल, 38 लाख रुपये की लागत से मनसा माता चैक से लोअर दतवाड़ के लिए सम्पर्क सड़क, 78 लाख रुपये की राजकीय उच्च पाठशाला बनेरड़ी के भवन तथा 78 लाख रुपये की लागत से राजकीय उच्च पाठशाला कून के भवन की आधारशिला रखी।
     
    जय राम ठाकुर ने मोरला में 1.46 करोड़ रुपये के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) भवन, झांगी में 2.09 करोड़ रुपये के पीएचसी भवन, बरोटी में 13.84 करोड़ रुपये के आईटीआई भवन, ढालों से राख सड़क पर 4.28 करोड़ रुपये के 60 मीटर स्पैन आरसीसी पुल, मंडप में 1.14 करोड़ रुपये के उप तहसील कार्यालय एवं आवासीय भवन, धर्मपुर स्थित लोंगनी में 1.25 करोड़ रुपये के राजस्व सदन कार्यालय एवं आवासीय भवन, बहरी में 63 लाख रुपये के संयुक्त भवन, संधोल में 63 लाख रुपये संयुक्त भवन, चनौता में 1.25 करोड़ रुपये के संयुक्त भवन, 1.40 करोड़ रुपये की लागत के नालड से बिंगा सम्पर्क सड़क, बालेसर पत्तन में ब्यास नदी पर 15.72 करोड़ रुपये के 230 मीटर स्पैन पुल, हरिजन बस्ती पुतलीफल्ड के लिए 83 लाख रुपये के सम्पर्क सड़क, ग्राम बडोह के लिए 1.14 करोड़ रुपये से सम्पर्क सड़क, गांव जठेरी के लिए 1.90 करोड़ रुपये के सम्पर्क सड़क, मंडप में 16.07 करोड़ रुपये के 50 बिस्तरों वाला अस्पताल, कोट से लम्बर तक 85 लाख रुपये सम्पर्क सड़क, 89 लाख रुपये खौदा से बुहाना वाया बक्कर खड्ड सम्पर्क सड़क, 82 लाख रुपये से बड़ा हयूण से हरिजन बस्ती बल्ह सम्पर्क सड़क, 89 लाख रुपये से बाग से हरिजन बस्ती के लिए सम्पर्क सड़क, 89 लाख रुपये से डगवानी से चांदपुर सम्पर्क सड़क, 84 लाख रुपये अनस्वाई से चस्वाल सम्पर्क सड़क, 63 लाख रुपये से डरवाड़ से सकलानी बस्ती सम्पर्क सड़क, 89 लाख रुपये से लगयाड़ सम्पर्क सड़क, 86 लाख रुपये मंझला बांदल सम्पर्क सड़क, धर्मपुर स्थित में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में 78 लाख रुपये से पीएसए आॅक्सीजन प्लांट और मैनिफोल्ड सिस्टम, संधोल में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में 78 लाख रुपये से पीएसए आॅक्सीजन प्लांट और मैनिफोल्ड सिस्टम,  टीहरा में 50 बिस्तरों वाले अस्पताल में 68 लाख रुपये के पीएसए आॅक्सीजन प्लांट और मैनिफोल्ड सिस्टम तथा मंडप में 50 बिस्तरों वाले अस्पताल में 71 लाख रुपये से पीएसए आॅक्सीजन प्लांट और मैनिफोल्ड सिस्टम के लिए कमरे की अधारशिला रखी।
     
    जल शक्ति एवं बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की जनता और विशेषकर मण्डी संसदीय क्षेत्र की जनता का सौभाग्य है कि उन्हें जय राम ठाकुर के रूप में एक ईमानदार और मेहनती मुख्यमंत्री मिला है। उन्होंने कहा कि गत लगभग चार वर्षों में धर्मपुर में अभूतपूर्व विकास हुआ है और इसका श्रेय मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को जाता है। उन्होंने कहा कि धर्मपुर के लोगों के लिए मुख्यमंत्री द्वारा 381 करोड़ रुपये की रिकाॅर्ड 96 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र प्रदेश के आदर्श विधानसभा क्षेत्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के निचले क्षेत्रों में बागवानी विकास सुनिश्चित करने के लिए राज्य के लिए 1688 करोड़ रुपये की शिव परियोजना स्वीकृत की गई है। उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगों की भी विस्तृत जानकारी दी।
     
    राज्य संयुक्त मीडिया प्रभारी रजत ठाकुर ने धर्मपुर क्षेत्र में करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र कभी चंगर क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, आज धर्मपुर क्षेत्र में लगभग हर घर में नल से जल की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय मुख्यमंत्री को जाता है जिन्होंने गत चार वर्षों के दौरान विकास की गति को निर्बाध रूप से सुनिश्चित किया।
     
    मंडल भाजपा अध्यक्ष पूरन ठाकुर ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का इस अवसर पर स्वागत किया।
     
    ऊर्जा मंत्री सुखराम चैधरी, सरकाघाट विधायक कर्नल इंद्र सिंह, विधायक द्रंग जवाहर ठाकुर, विधायक जोगिन्द्रनगर प्रकाश राणा, राज्य खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निदेशक प्रियव्रत शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष दलीप ठाकुर, राज्य भाजपा महिला मोर्चा महासचिव वंदना गुलेरिया, एचआरटीसी प्रबंध निदेशक संदीप कुमार, उपायुक्त मंडी अरिंदम चैधरी सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
     
     
     
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