News Flash: समाचार फ़्लैश:
  • एम्स बिलासपुर के विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री
  • मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि के तहत 1,500 मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति लाभार्थी हस्तांतरित
  • मुख्य सचिव ने प्रधान जनगणना अधिकारियों के राज्य स्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता की
  • मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया
  • स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की
  • मुख्यमंत्री ने द्वारका में हिमाचल निकेतन भवन की प्रगति की समीक्षा की
View Allसभी देखें
 Latest News
 नवीनतम समाचार
  • मुख्यमंत्री ने द्वारका में हिमाचल निकेतन भवन की प्रगति की समीक्षा की
    अधिकारियों को शेष कार्य निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली के द्वारका स्थित हिमाचल निकेतन का दौरा कर भवन के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की, जिसका निर्माण कार्य लगभग पूरा होने वाला है। उन्होंने निर्माण कार्यों का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को शेष फिनिशिंग कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि इसे शीघ्र ही हिमाचल प्रदेश की जनता को समर्पित किया जा सके।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल निकेतन भवन राष्ट्रीय राजधानी में आने वाले प्रदेशवासियों, विशेषकर चिकित्सा उपचार और शिक्षा के उद्देश्य से दिल्ली आने वाले लोगों को आरामदायक और गुणवत्तापूर्ण आवास सुविधा उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि इस भवन में लगभग चार सितारा श्रेणी की सुविधाएं उपलब्ध होंगी और यह दिल्ली आने वाले हिमाचलवासियों के लिए एक महत्त्वपूर्ण सहायक केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
    उन्होंने कहा कि लगभग 190 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित किए जा रहे हिमाचल निकेतन में 107 कमरे, एक रेस्तरां, बैंक्वेट हॉल, दो बहुउद्देशीय हॉल, एक बैठक कक्ष और विद्यार्थियों के लिए डॉर्मिटरी की सुविधा होगी। परिसर में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, गार्डन, ईवी चार्जिंग स्टेशन तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शेष कार्य निर्धारित समयावधि के भीतर पूरे किए जाएं तथा निर्माण में आवश्यक गुणवत्ता मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए।
    इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, मुख्य अभियंता विजय चौधरी, अधीक्षण अभियंता दीपक राज चौहान तथा प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
    .0.
     
    Read More
  • मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि के तहत 1,500 मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति लाभार्थी हस्तांतरित
    मछुआरा समितियों पर लगाया गया जुर्माना माफ, कोल्ड स्टोरेज पर सब्सिडी बढ़ाकर 80 प्रतिशत की
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज बिलासपुर जिला के झंडूता विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना के तहत बिलासपुर जिला के 1,500 मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति लाभार्थी की दर से कुल 52.50 लाख रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की। उन्होंने मछुआरा समितियों पर लगाए गए पांच गुना जुर्माने को माफ करने तथा कोल्ड स्टोरेज इकाइयां स्थापित करने के लिए दी जाने वाली सब्सिडी को 70 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने की घोषणा भी की। उन्होंने पूरे प्रदेश में मछुआरों को लाइफ जैकेट उपलब्ध करवाने के लिए 50 लाख रुपये तथा मछुआरों के लिए लैंडिंग सुविधाएं विकसित करने के लिए 10 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, झंडूता विधानसभा क्षेत्र में 10 संपर्क सड़कों के निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए प्रत्येक सड़क के लिए 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय स्नातक महाविद्यालय झंडूता में बीसीए और बीबीए कक्षाएं शुरू करने की घोषणा भी की।
    इस अवसर पर धराडसानी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जन आकांक्षाओं को सुनना और उसी के अनुरूप नीतियां बनाना ही ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का वास्तविक सार व ध्येय है। उन्होंने कहा कि एक साधारण परिवार से मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचने के कारण वह आम लोगों के सामने आने वाली कठिनाइयों को समझते हैं। उन्होंने कहा कि मछुआरों की कड़ी मेहनत और उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने उनके कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
    श्री सुक्खू ने कहा कि जलाशयों से पकड़ी जाने वाली मछली पर रॉयल्टी वित्त वर्ष 2025-26 में 15 प्रतिशत से घटाकर 7.50 प्रतिशत की गई थी और अब इसे और घटाकर केवल एक प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्पादित मछलियों को दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार रेफ्रिजरेटेड वाहनों की खरीद पर 70 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि मछुआरों को बेहतर और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रमुखता से कार्य कर रही है। इस दिशा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है ताकि लोगों को अपने गांवों में ही आजीविका के साधन उपलब्ध हों। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में देश में 21वें स्थान पर खिसक गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के दृढ़ प्रयासों के कारण हिमाचल प्रदेश अब विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के मामले में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से 150 सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी विद्यालयों में बच्चों के दाखिले में लगभग 24,000 की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दूध के दाम और प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि वनों को विस्तार प्रदान करने और पौधरोपण के लिए महिला मंडलों एवं युवक मंडलों को भी वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का ध्येय है कि गांवों में रहने वाले लोग अपने गांवों में ही आजीविका कमाएं और आय अर्जित करें।
    श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद किया है। सरकार के प्रयासों से बचाए गए धन का उपयोग मछुआरों के कल्याण तथा निराश्रित और अन्य जरूरतमंद बच्चों की उच्च शिक्षा को सहायता प्रदान करने वाली योजनाओं को लागू करने में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को केवल एक प्रतिशत ब्याज दर पर शिक्षा ऋण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एम्स नई दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी सहित उन्नत चिकित्सा सुविधाएं लोगों को अब प्रदेश में ही उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित परिवारों को अपने संसाधनों से आठ लाख रुपये की सहायता भी प्रदान कर रही है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि जनता के धन का उपयोग लोगों के कल्याण के लिए हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने भ्रष्टाचार द्वारा संपत्ति अर्जित की है तो सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। उन्होंने लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करने का भी आह्वान किया।
    श्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और समाज के अन्य वर्गों के हित में कई निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली भी ऐसा ही एक निर्णय है, जिसे किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं लिया गया, बल्कि इस निर्णय के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि वृद्धावस्था में कर्मचारी सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करें। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में पुरानी पेंशन योजना समाप्त कर दी गई है, लेकिन हमने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में इसे बहाल किया। 
    तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि आज का दिन प्रदेश में मछुआरों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और मुख्यमंत्री के संवेदनशील दृष्टिकोण से मछुआरा समुदाय के कल्याण के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के उपरांत ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक अनाथालय का दौरा कर उन बच्चों की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अपना पहला ही निर्णय निराश्रित बच्चों के कल्याण की दिशा में लिया। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्णय आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं और ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नारे को वास्तविक अर्थ दे रहे हैं।
    राजेश धर्माणी ने कहा कि भाजपा ने निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया, लेकिन जनता के आशीर्वाद से कांग्रेस विधायकों की संख्या एक बार फिर 40 हो गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें भारी जन समर्थन मिल रहा है। किशाऊ बांध परियोजना का उल्लेख करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में राज्य को अनुमानित लगभग 600 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होती, तो राज्य को डबल नुकसान उठाना पड़ता।
    पूर्व मंत्री, राम लाल ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार 6,000 से अधिक मछुआरों के हितों का ध्यान रख रही है और उनके कल्याण के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला के विकास में कांग्रेस पार्टी की सरकार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
    पूर्व विधायक, बंबर ठाकुर ने कहा कि भाजपा के सत्ता में लौटने की उम्मीदें पूरी नहीं होंगी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार प्रदेश में दोबारा सत्तासीन होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता झूठ को सच के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की यह जिम्मेदारी है कि वे सच्चाई को सामने रखें तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और उपलब्धियों को हर घर तक पहुंचाएं।
    झंडूता से कांग्रेस प्रत्याशी विवेक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐसे वर्ग के लिए योजनाएं तैयार की हैं, जिनको पिछली सरकारों ने हाशिए पर रखा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर अपने गठन के बाद से ही विस्थापन का दर्द झेलता रहा है। उन्होंने मछुआरा समुदाय की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी कठिनाइयों को समझा और उन मांगों का समाधान किया, जो चार से पांच दशकों से लंबित थीं।
    इस अवसर पर पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा और बीरू राम किशोर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष तृप्ता ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, गुड़िया सक्षम बोर्ड की अध्यक्ष अरुणा महाजन, सचिव मत्स्य प्रियंका बसु इंग्टी, उपायुक्त राहुल कुमार और अन्य गणमान्य उपस्थित थे। 
    .0.
     
    Read More
  • एम्स बिलासपुर के विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर को उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थान बनाया जाएगा ताकि यह प्रदेश के लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने में अधिक सक्षम बने। 
    बिलासपुर जिला के एक दिवसीय दौरे के दौरान मुख्यमंत्री एम्स पहुंचे और चिकित्सकों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा महाविद्यालयों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ताकि दिसम्बर, 2026 तक सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में उपचार के लिए आने वाले लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि इससे सुनिश्चित होगा कि प्रदेशवासियों को उत्तम स्वास्थ्य उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता न रहे। 
    श्री सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए क्रांतिकारी निर्णय लिए जा रहे हैं। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार उन्हें बेहतर वेतन एवं अन्य लाभ प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को प्रोफेसर के पद पर डेजिग्नेट करने के लिए प्रदेश सरकार मापदंडों में छूट प्रदान कर रही है।   
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में डायग्नोस्टिक सेवाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला एवं एआईएमएसएस चमियाना में 3-टेस्ला मशीनें स्थापित की गई हैं। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, कुल्लू, ऊना और सोलन, जिला अस्पताल किन्नौर, डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नाहन, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला और सिविल अस्पताल पालमपुर में 1.5-टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं। 
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पीजी मेडिकल सीटों में 330 सीटों की वृद्धि का लक्ष्य स्थापित किया, जिससे राज्य में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहायता होगी। 
    श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने जीन थेरेपी और फोटो थेरेपी के क्षेत्र में कार्य आरम्भ किए हैं तथा यूनाइटेड स्टेट्स के चिकित्सकों के साथ उनकी विशेषज्ञता और सहयोग के लिए चर्चा की जा रही है। 
    इस अवसर पर नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर, पूर्व विधायक तिलक राज, एम्स के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. दलजीत सिंह, उपायुक्त राहुल कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 
    .0.
    Read More
  • मुख्यमंत्री ने 46 अग्निशमन वाहनों को दिखाई हरी झंडी
     
    अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष बलः मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां प्रदेश के विभिन्न जिलों की अग्निशमन इकाइयों के लिए 46 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों में शिमला जिले में 9, कांगड़ा में 8, मण्डी तथा सोलन में 5-5, हमीरपुर, ऊना, चम्बा तथा लाहौल-स्पीति में 3-3, सिरमौर, बिलासपुर व कुल्लू में 2-2 तथा किन्नौर जिले में एक वाहन भेजा गया है।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा किसी भी आपदा या आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 37 और नए अग्निशमन वाहनों की खरीद की प्रक्रिया प्रगति पर है।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है तथा इसके लिए 65.33 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में 9.60 करोड़ रुपये की लागत से 22 अग्निशमन वाहन खरीदे गए और उन्हें संबंधित अग्निशमन इकाइयों को उपलब्ध करवाया गया।
    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर क्षेत्र तक आधुनिक अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं पहुंचे तथा इसी के दृष्टिगत अग्निशमन विभाग को आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित मानव संसाधन से सुसज्जित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश की जरूरतों के अनुसार अग्निशमन केंद्रों, चौकियों, वाहनों, उपकरणों और मानव संसाधन का विस्तार किया जाएगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 4.85 करोड़ रुपये की लागत से अग्निशमन चौकी बिझड़ी के भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है तथा नादौन और इंदौरा में उप अग्निशमन केंद्रों के भवनों के निर्माण पर साढ़े तीन-तीन करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंडाघाट के उप-अग्निशमन केंद्र के निर्माण के लिए भी 3 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नए एवं स्तरोन्नत उप-अग्निशमन केंद्रों तथा अग्निशमन चौकियों के लिए 3.85 करोड़ रुपये की लागत से 8 वाटर टेंडर खरीदे जा रहे हैं।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए नई अग्निशमन चौकियां और केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं। जिला ऊना के टाहलीवाल को उप-अग्निशमन केंद्र के रूप में स्तरोन्नत तथा कांगड़ा के चंगर क्षेत्र में नई अग्निशमन चौकी खोल दी गई है। उन्होंने कहा कि नई अग्निशमन इकाइयों को सुचारू रूप से चलाने के लिए अग्निशमन कर्मियों की विभिन्न श्रेणियों के 754 स्वीकृत पद भरे गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश की समग्र आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है तथा आधुनिक वाहन, बेहतर उपकरण, पर्याप्त मानव संसाधन और मजबूत आधारभूत ढांचों पर एक साथ काम किया जा रहा है ताकि किसी भी आपदा या आग लगने की स्थिति में जन-धन की हानि को कम किया जा सके।
    इस अवसर पर महापौर शिमला नगर निगम सुरेन्द्र चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम, डीजी (होमगार्ड) सतवंत अटवाल, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
    .0.
     
    Read More
  • गांव में ही शहर जैसी सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास कर रही राज्य सरकारः मुख्यमंत्री
     
    मुख्यमंत्री ने अग्निशमन चौकी नेरवा का किया वर्चुअल लोकार्पण
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा जिला शिमला के नेरवा में नवस्थापित अग्निशमन चौकी का लोकार्पण किया। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अग्निशमन चौकी केवल आग लगने की घटनाओं से निपटने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारी बारिश, भूस्खलन और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निशमन चौकी से नेरवा क्षेत्र के लगभग 55 हजार लोगों को लाभ मिलेगा और यहां पर दो गाड़ियां जल्द ही उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि आग लगने की घटना में क्षेत्र के पारंपरिक लकड़ी के मकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बहुमूल्य सेब बगीचों को समय रहते सुरक्षित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पहले नेरवा क्षेत्र में आग लगने अथवा अन्य आपदाओं की घटनाओं पर चौपाल, देहा, ठियोग और शिमला से अग्निशमन वाहन भेजने पड़ते थे, जिनको घटनास्थल तक पहुंचने में कई घंटे लग जाते थे। अब स्थानीय अग्निशमन चौकी स्थापित होने से आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अग्निशमन चौकी नेरवा के सुचारू संचालन के लिए 17 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा दो नए अग्निशमन वाहन भी स्वीकृत किए गए हैं तथा विभाग द्वारा एक वाटर टेंडर टाइप-बी आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस वाहन की खरीद पर 59 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। नेरवा में अग्निशमन चौकी की स्थापना से क्षेत्र की आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ गांवों में रहने वाले लोगों को उनके घर-द्वार के समीप शहर जैसी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मिल्क प्लांट स्थापित करने के लिए राज्य सरकार आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाएगी, जिसके लिए एफसीए की अनुमति प्राप्त करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को एक ही छत के नीचे विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से चौपाल मिनी सचिवालय के लिए दो करोड़ रुपये तथा नेरवा और कुपवी मिनी सचिवालयों के लिए दो-दो करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
    इस अवसर पर नेरवा में उपस्थित कांग्रेस नेता रजनीश किमटा ने अग्निशमन चौकी के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हुई है और इस चौकी से नेरवा के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में चौपाल विधानसभा क्षेत्र में विकास के अनेक कार्य हुए हैं, जिनका लाभ क्षेत्रवासियों को मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चौपाल विधानसभा क्षेत्र का प्रवास करने का निमंत्रण भी दिया।
    इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम, डीजी (होमगार्ड) सतवंत अटवाल और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
    .0.
    Read More
  • पौधरोपण मानवता के सुरक्षित भविष्य का आधार है: राज्यपाल
     
     
     
    राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि पौधरोपण अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता के सुरक्षित भविष्य के लिए किया गया एक दृढ़ संकल्पित सामूहिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मूल्यवान विरासत बनता है।
    राज्यपाल ने आज सोलन जिला के समलेच गांव में सभ्य री-फॉरेस्टर्स द्वारा आयोजित 11वें वार्षिक पौधरोपण अभियान के शुभारम्भ समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पेड़ जीवन का आधार हैं, जो हमें स्वच्छ वायु प्रदान करने के साथ-साथ जल संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
    उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल शुरुआत है। इसका वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब हम उसकी देखभाल और सुरक्षा करते हुए उसे एक स्वस्थ वृक्ष बनने तक पोषित करें। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाएं।
    राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सभ्यता में प्रकृति को सदैव पवित्र माना गया है और पर्यावरण संरक्षण देश की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से निहित है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपने वनों, हिमालयी पर्वतों, नदियों और समृद्ध जैव विविधता के कारण क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा केवल हिमाचल प्रदेश की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है।
    जलवायु परिवर्तन के कारण अनियमित वर्षा, बादल फटना, भू-स्खलन, ग्लेशियरों का सिकुड़ना और बढ़ते तापमान जैसी परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा और पारिस्थितिक क्षति को न्यूनतम करने के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक है।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस अभियान ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया है। उन्होंने नागरिकों से वनीकरण, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण तथा एकल-उपयोग प्लास्टिक में कमी लाने से संबंधित पहलों में सक्रिय रूप से योगदान देने का आह्वान किया।
    उन्होंने स्कूलों, महाविद्यालयों, पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, उद्योगों और स्वयंसेवी संगठनों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह किया।
    राज्यपाल ने अभियान के तहत आयोजित चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के विजेताओं कोे भी सम्मानित किया।
    इस अवसर पर विशेष अतिथि श्याम जाजू ने पिछले 11 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में संगठन द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पौधों के संरक्षण और उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित करने के संगठन के संकल्प की प्रशंसा की।
    स्कूली विद्यार्थियों ने भी पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर आधारित एक लघु नाटक का मंचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रस्तुतिकरण किया।
    इस अवसर पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक एस.डी. वर्मा, जिला परिषद की अध्यक्ष शीला कुमारी, नगर निगम सोलन की महापौर सुषमा शर्मा, पार्षदगण, सभ्य री-फॉरेस्टर्स के अध्यक्ष अजय, महासचिव रिपु दमन और अन्य गणमान्य  उपस्थित थे।
    .0.
     
    Read More
Latest Video FootageView Allनवीनतम वीडियो फुटेजसभी देखें
Departments Productions View All विभाग प्रोडक्शंससभी देखें
Latest News PhotographsView Allनवीनतम समाचार फोटोसभी देखें
# At Snap with CMView Allसीएम के साथ आपका फोटोसभी देखें
Digital Photo LibraryView All डिजिटल फोटो गैलरीसभी देखें
You Are Visitor No.हमारी वेबसाइट में कुल आगंतुकों 11632227

Nodal Officer: UC Kaundal, Dy. Director (Tech), +919816638550, uttamkaundal@gmail.com

Copyright ©Department of Information & Public Relations, Himachal Pradesh.
Best Viewed In Mozilla Firefox