News Flash: समाचार फ़्लैश:
  • प्रदेश सरकार ने एआईएमएसएस चमियाना में विभिन्न पदों और सेवाओं को स्वीकृति प्रदान की
  • प्रदेश सरकार अगले वर्ष 31 मार्च तक स्वास्थ्य संस्थानों में स्टॉफ की संख्या 70 प्रतिशत से अधिक करने के लिए प्रयासरतः मुख्यमंत्री
  • शिमला के वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के संचालन एवं प्रबंधन के लिए हिमाचल को मिली रिकॉर्ड तोड़ बोली
  • केंद्र सरकार की स्वास्थ्य संबंधी पहलें भारत की स्वास्थ्य सेवाओं के परिदृश्य को नई दिशा दे रही हैं: कविन्द्र गुप्ता
  • मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया
  • राष्ट्र निर्माण में इंदिरा गांधी और सरदार पटेल का योगदान अतुलनीय: मुख्यमंत्री
View Allसभी देखें
 Latest News
 नवीनतम समाचार
  • राष्ट्र निर्माण में इंदिरा गांधी और सरदार पटेल का योगदान अतुलनीय: मुख्यमंत्री
     
     
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर राष्ट्रीय संकल्प दिवस मनाया गया। उन्होंने भारत के लौह पुरुष एवं पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि इन दोनों महान नेताओं ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को सुदृढ़ करने में अतुलनीय योगदान दिया है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलवाई।
    इस अवसर पर रक्त दान शिविर का आयोजन भी किया गया। 
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी एक असाधारण व्यक्तित्व की धनी नेता थीं, जो अपने साहस, दृढ़ संकल्प और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कड़े निर्णय लेने की क्षमता के लिए जानी जाती हैं। वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व ने भारतीय इतिहास में एक निर्णायक अध्याय जोड़ा। इस युद्ध के परिणामस्वरूप बांग्लादेश का उदय हुआ और उपमहाद्वीप के भू-राजनीतिक परिदृृश्य में महत्त्वपूर्ण बदलाव आया। उन्होंने कहा कि देश के समक्ष विकास और सुरक्षा से जुड़ी अनेक चुनौतियां होने के बावजूद इंदिरा गांधी द्वारा लिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय उनकी असाधारण राजनीतिक दूरदर्शिता और सशक्त नेतृत्व का परिचायक है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी ने देशहित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए। इनमें बैंकों का राष्ट्रीयकरण, पूर्व रियासतों के शासकों के प्रिवी पर्स की समाप्ति तथा वर्ष 1971 में भूमि स्वामित्व सीमा संबंधी उपायों का कार्यान्वयन प्रमुख हैं। इन निर्णयों का उद्देश्य आर्थिक असमानताओं को कम करना, सार्वजनिक क्षेत्र को सुदृढ़ करना तथा विकास का लाभ समाज के व्यापक वर्गों तक पहुंचाना था।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति इंदिरा गांधी की प्रतिबद्धता उनके सर्वाेच्च बलिदान में भी परिलक्षित होती है। उन्होंने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका साहस, राष्ट्रभक्ति और समर्पण सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
    मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री एवं भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात सैकड़ों रियासतों का भारतीय संघ में विलय करवाने में उनकी निर्णायक भूमिका के कारण उन्हें लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है। अनेक चुनौतियों और विरोध के बावजूद सरदार पटेल ने अपनी असाधारण प्रशासनिक क्षमता और राजनीतिक दृढ़ता का परिचय देते हुए हैदराबाद और जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न रियासतों को भारतीय संघ के साथ एकजुट करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों ने एक सशक्त और एकीकृत भारत की नींव रखने में अहम योगदान दिया।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सदैव संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त करने के लिए कार्य किया है। संविधान और सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार ने प्रत्येक नागरिक को सामाजिक एवं आर्थिक पृष्ठभूमि से परे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था ने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को देश का नेतृत्व करने के समान अवसर उपलब्ध करवाए हैं।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मतदान का अधिकार स्वतंत्रता के बाद देश की सबसे महत्त्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है और इसकी हर कीमत पर रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतों में हेराफेरी और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोप गंभीर विषय हैं, जिनकी पारदर्शी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए इन मुद्दों को उठा रही है और चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने के किसी भी कथित प्रयास के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज करवा रही है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों एवं आकांक्षाओं की रक्षा के लिए इसकी सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान नेताओं की विरासत हमें राष्ट्रीय एकता बनाए रखने, लोकतांत्रिक सिद्धांतों का सम्मान करने तथा सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देती है।
    इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, नगर निगम के पार्षद, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
     
    -0-
    Read More
  • केंद्र सरकार की स्वास्थ्य संबंधी पहलें भारत की स्वास्थ्य सेवाओं के परिदृश्य को नई दिशा दे रही हैं: कविन्द्र गुप्ता
     
    पालमपुर में नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के 38वें वार्षिक सम्मेलन में की शिरकत
    कहा, आयुष्मान भारत सहित केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाएं अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और सामर्थ्य को बना रही हैं मजबूत
    प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में नेत्र चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों और विशेषज्ञ संगठनों से किया आह्वान
    हिमाचल में 320 अतिरिक्त पीजी मेडिकल सीटों के लिए 415 करोड़ रुपये के केंद्रीय आवंटन की सराहना की
    सम्मेलन में भाग लेने आए प्रतिनिधियों और चिकित्सा विशेषज्ञों से प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों के दर्शन करने का किया आग्रह
     
    भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। केंद्र सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और समावेशी बनाने के उद्देश्य से अनेक ऐतिहासिक पहल की गई हैं। स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, स्वास्थ्य बीमा के व्यापक दायरे, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा डिजिटल तकनीक के समावेश से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसका विशेष लाभ ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिल रहा है।
    यह बात राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज जिला कांगड़ा के पालमपुर में नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के 38वें वार्षिक सम्मेलन एवं हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहा यह परिवर्तन केवल चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करना तथा विकास प्रक्रिया के केंद्र में नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देना है।
    राज्यपाल ने कहा कि आयुष्मान भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी योजनाएं देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अंतिम व्यक्ति तक किफायती चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयुवर्ग के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान भारत योजना के स्वास्थ्य कवरेज के विस्तार को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सम्मान और बेहतर जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता परिलक्षित होती है।
    प्रदेश में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की 320 नई सीटें स्वीकृत किए जाने तथा इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 415 करोड़ रुपये की राशि आवंटित किए जाने का स्वागत करते हुए राज्यपाल ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने तथा प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
    राज्यपाल ने नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी, हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी तथा पालमपुर रोटरी आई फाउंडेशन को इस सम्मेलन के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन वैज्ञानिक ज्ञान, व्यावसायिक अनुभव और नवीन चिकित्सा पद्धतियों के आदान-प्रदान के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। इससे मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सहायता मिलती है।
    श्री गुप्ता ने नेत्र स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आंखों की रोशनी की रक्षा करना और रोकी जा सकने वाली अंधता की रोकथाम करना केवल चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों की व्यावसायिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि मानवता की महान सेवा भी है। उन्होंने कहा कि नैदानिक तकनीकों में प्रगति, आधुनिक शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं, रेटिना संबंधी उपचारों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सहित उभरती तकनीकों ने नेत्र रोगों की शीघ्र पहचान और उपचार के नए अवसर प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान की वास्तविक सफलता इसी में निहित है कि इन आधुनिक सुविधाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।
    राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, लंबी दूरियां, सीमित परिवहन सुविधाएं तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पर्याप्त पहुंच का अभाव दूरदराज के क्षेत्रों में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में बाधा बनते हैं। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों में नेत्र चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों, निजी स्वास्थ्य संगठनों, विशेषज्ञ चिकित्सा समितियों तथा सेवा संगठनों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अथवा भौगोलिक परिस्थितियां गुणवत्तापूर्ण नेत्र उपचार प्राप्त करने में बाधा नहीं बननी चाहिए।
    राज्यपाल ने सम्मेलन में भाग ले रहे नेत्र रोग विशेषज्ञों एवं स्वास्थ्य पेशेवरों से हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक रणनीतियां तैयार करने तथा दूरदराज एवं दुर्गम क्षेत्रों में विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा सेवाएं सुलभ बनाने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सम्मेलन में शामिल प्रतिनिधियों एवं बाहर से आए चिकित्सा विशेषज्ञों से हिमाचल प्रदेश के पावन शक्तिपीठों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत इसकी पहचान का अभिन्न अंग है।
    इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ. सुधीर सल्होत्रा को नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के 38वें अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करवाया तथा चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. सूरत सिंह को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। उन्होंने एनजेडओएस जर्नल जारी किया तथा हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की वेबसाइट का भी शुभारंभ किया।
    राज्यपाल ने सम्मेलन के आयोजन से जुड़े चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, आयोजकों तथा अन्य सभी हितधारकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने सम्मेलन में भाग ले रहे सभी नेत्र रोग विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, युवा चिकित्सकों एवं प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दीं।
    इससे पूर्व, नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. गौरव लूथरा तथा पालमपुर रोटरी आई फाउंडेशन के निदेशक डॉ. सुधीर सल्होत्रा ने राज्यपाल का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
    डॉ. सुधीर सल्होत्रा ने अपने संबोधन में नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी (एनजेडओएस) की भूमिका एवं योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्था नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने, पेशेवर सहयोग को सुदृढ़ करने तथा नेत्र रोग विशेषज्ञों को अपने ज्ञान एवं अनुभव साझा करने और नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम विकास पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
    इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. राम लाल शर्मा, पालमपुर रोटरी आई फाउंडेशन के अध्यक्ष के.जी. बुटेल, सोसाइटी के सदस्य तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
    .0.
     
     
    Read More
  • प्रदेश सरकार अगले वर्ष 31 मार्च तक स्वास्थ्य संस्थानों में स्टॉफ की संख्या 70 प्रतिशत से अधिक करने के लिए प्रयासरतः मुख्यमंत्री
     
     
    संगड़ाह में सीबीएसई स्कूल खोलने की घोषणा 
    मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से नौहराधार सीएचसी भवन का किया लोकार्पण
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा सिरमौर ज़िला के रेणुका विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नौहराधार में नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन का लोकार्पण किया। 6.92 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित छह बिस्तरों की क्षमता का स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्वास्थ्य केंद्र से आस-पास की 20 ग्राम पंचायतों और 47 गांवों के लगभग 50 हजार लोग लाभान्वित होंगे। यहां मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे लोगों को अपने घर-द्वार के निकट ही समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इस दिशा में विशेषकर ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि लोगों को बेहतर उपचार के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। इस स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने से स्थानीय लोगों को समयबद्ध और बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में दो चिकित्सा अधिकारियों और एक स्टॉफ नर्स को नियुक्त किया गया है ताकि मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता से स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के आधुनिकीकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है। प्रदेश सरकार विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुलभ और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने पर बल दे रही है।
    उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र की अनदेखी हुई और उस समय अस्पतालों में केवल 35 प्रतिशत स्टॉफ ही उपलब्ध था। जबकि वर्तमान प्रदेश सरकार 31 मार्च, 2027 तक स्वास्थ्य संस्थानों में स्टॉफ की संख्या 70 प्रतिशत से अधिक करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा महाविद्यालयों, क्षेत्रीय अस्पतालों, ज़िला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को सुदृढ़ कर रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों को घर के समीप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सीबीएसई स्कूल भी खोले जा रहे हैं। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संगड़ाह को सीबीएसई स्कूल बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने क्षेत्र में प्रतिदिन 5,000 लीटर क्षमता का मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन भी दिया।
    इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार ने नए भवन के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस स्वास्थ्य केंद्र से आसपास की 20 ग्राम पंचायतों और 47 गांवों की लगभग 50 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। यहां स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से लोगों को अपने घरों के नजदीक ही समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
    इस अवसर पर शिमला में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, सचिव स्वास्थ्य आशीष सिंहमार, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी जबकि नौहराधार में उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत नेगी तथा स्थानीय नेता भी उपस्थित थे।
    .0.
    Read More
  • जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को दी जाएगी पीजी करने की अनुमतिः मुख्यमंत्री
     
    आईजीएमसी शिमला और टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग खोले जाएंगेः मुख्यमंत्री
    जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति की तिथि से मिलेंगे जीडीओ के लाभः मुख्यमंत्री
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सा अधिकारियों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को पीजी/एसएस नीति के प्रावधानों की समीक्षा करने के निर्देश दिए, ताकि जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम करने की सुविधा प्रदान की जा सके। इसके साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेजिडेंट्स/ट्यूटर स्पेशलिस्ट की भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने, सेवा संबंधी मामलों में स्पष्टता लाने और राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में योग्य चिकित्सा विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं।
    मुख्यमंत्री ने विभाग को पीजी/एसएस नीति में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए, ताकि इन-सर्विस जनरल ड्यूटी ऑफिसर्ज (जीडीओ) के लिए आरक्षित 66.6 प्रतिशत कोटे के तहत स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम, जिसमें पीजी (एमडी/एमएस) और पीजी (एमडीएस) भी शामिल हैं, में जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को पीजी करने की अनुमति मिल सके। उन्होंने कहा कि संबंधित स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद इन चिकित्सा अधिकारियों को अपनी नियुक्ति अवधि से शेष अवधि जॉब ट्रेनी के रूप में सेवाएं देनी होंगी। उन्होंने पाठ्यक्रम अवधि के दौरान प्रदेश में उनके वेतन और अन्य लाभ के लिए भी उचित प्रावधान करने के निर्देश दिए।
    श्री सुक्खू ने विभाग को पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स नई दिल्ली से पीजी करने वाले चिकित्सकों को प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेजिडेंट्स/ट्यूटर स्पेशलिस्ट के रिक्त पदों पर नियुक्त करने के प्रावधान करने के भी निर्देश दिए। ऐसी नियुक्तियां डायरेक्ट कैंडिडेट्स के लिए आरक्षित 33.33 प्रतिशत कोटे के तहत एमबीबीएस और स्नातकोत्तर परीक्षाओं में प्राप्त अंकों की मैरिट के आधार पर की जाएंगी। इसके लिए लिखित परीक्षा या साक्षात्कार नहीं लिया जाएगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी), शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा, जिला कांगड़ा में जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग स्थापित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति तिथि से जनरल ड्यूटी ऑफिसर्स (जीडीओ) को मिलने वाले सभी लाभ प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसरों को नियमितीकरण के लिए दोबारा परीक्षा देने से छूट प्रदान करने के विषय पर सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के निर्माण के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, स्पष्ट सेवा शर्तें और योग्य डॉक्टरों को पर्याप्त अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार प्रमुखता से कदम उठा रही है। 
    श्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार आम जनता को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पिछले चार वर्षों के दौरान अनेक सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। प्रदेश के चार चिकित्सा संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है, जिससे मरीजों को प्रदेश के सरकारी संस्थानों में ही आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम चिकित्सा पद्धतियों से परिचित करवाने और उन्हें प्रदेश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में अपनाने के उद्देश्य से विदेशों में अनुभव प्राप्त करने के लिए एक्सपोजर विजिट पर भेज रही है।
    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में स्वीकृत पदों की तुलना में केवल 35 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यरत थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने और वित्तीय चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की दिशा में कार्य कर रही है।
    इस अवसर पर विधायक संजय अवस्थी, सचिव (स्वास्थ्य) आशीष सिंहमार, प्रबंध निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रदीप ठाकुर, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
    .0.
    Read More
  • इंटर्नशिप स्टाइपंड बढ़ाने पर प्रदेश सरकार करेगी विचारः मुख्यमंत्री
     
     
     
    मुख्यमंत्री ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के विद्यार्थियों से किया संवाद
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उनके विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से चिकित्सा शिक्षा, आर्थिक सहायता, कॉलेज के बुनियादी ढांचे, विदेश में एक्सपोजर विजिट और पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
    द्वितीय वर्ष की छात्रा बबीता ने मुख्यमंत्री से पूछा कि विद्यार्थियों को आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई न छोड़नी पड़े, इसके लिए राज्य सरकार क्या कदम उठा रही है? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के अंतर्गत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी विद्यार्थी धन के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। एमबीबीएस छात्र आयान चोपड़ा ने चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर को अग्रणी चिकित्सा संस्थान बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में पूछा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसके लिए आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाने के लिए नई व्यवस्था के तहत लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों को जोड़कर मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिल सकें।
    एमबीबीएस छात्रा प्रतिभा ने चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर को सुरक्षित बनाने तथा इसके आधारभूत अधोसंरचना के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में प्रश्न किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज में आधुनिक एम्फिथियेटर, ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, 300-300 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्र-छात्राओं के होस्टल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि जापान की कंपनी के सहयोग से चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर का लेआउट प्लान तैयार किया गया है। भविष्य में यहां सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, कैंसर अस्पताल, डेंटल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की योजना है। इसके साथ ही संस्थान में शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
    विद्यार्थी निशांत ने मेडिकल छात्रों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने के संबंध में प्रश्न किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों से पीजी और एमबीबीएस के 10-10 विद्यार्थियों का चयन लगभग पूरा हो चुका है। चयनित विद्यार्थियों को जल्द ही विदेश भेजा जाएगा, जहां वे चिकित्सा क्षेत्र की सर्वोत्तम कार्यप्रणाली का अध्ययन कर सकेंगे।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में पीजी सीटों की संख्या पहले आठ थी, जो अब बढ़कर 57 हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में पहले कुल 277 पीजी सीटें थीं। राज्य सरकार के प्रयासों से इस वर्ष 320 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हुई हैं, जिससे प्रदेश में पीजी सीटों की कुल संख्या बढ़कर 597 हो गई है।
    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार एमबीबीएस विद्यार्थियों की इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड में वृद्धि करने पर विचार कर रही है। इसके लिए बजट में आवश्यक प्रावधान करने के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार मेडिकल शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
    .0.
    Read More
  • मुख्यमंत्री ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अकादमिक ब्लॉक का किया लोकार्पण
     
     
     
    एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज का शुभारंभ किया, चार पाठ्यक्रमों के लिए 210 सीटें उपलब्ध
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अकादमिक ब्लॉक का लोकार्पण किया। यह कदम चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में मील पत्थर साबित होगा। 
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज, हमीरपुर का भी शुभारंभ किया। इस कॉलेज में कुल 210 सीटों के साथ चार पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इनमें बैचलर ऑफ मेडिकल लैब साइंस की 60 सीटें, बैचलर ऑफ रेडियोलॉजी की 60 सीटें, बैचलर ऑफ एनेस्थीसिया की 60 सीटें तथा डायलिसिस की 30 सीटें शामिल हैं।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि चिकित्सकों और अन्य चिकित्सा पेशेवरों को सहयोग प्रदान करने तथा मरीजों की सुविधा के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एलाइड एंड हेल्थकेयर शिक्षा को सुदृढ़ करना आवश्यक है। इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत से स्वास्थ्य क्षेत्र की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने में मदद मिलेगी।
    उन्होंने कहा कि एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में अवसरों के नए द्वार खोलेगा और युवाओं के लिए शैक्षणिक अवसरों का विस्तार करेगा। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न विशिष्ट क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी योगदान देगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनिर्मित अकादमिक ब्लॉक, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर के संस्थागत बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करेगा तथा गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की क्षमता में वृद्धि करेगा। इससे क्षेत्र के लोगों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी और उन्हें बेहतर उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। 
    इसके पश्चात, मुख्यमंत्री ने 4.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के आवासीय परिसर का उद्घाटन किया।
    उन्होंने 1.50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्ट्रीट फूड पार्क तथा 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बाल देखभाल संस्थान, हमीरपुर की आधारशिला भी रखी।
     
    .0.
    Read More
Latest Video FootageView Allनवीनतम वीडियो फुटेजसभी देखें
Departments Productions View All विभाग प्रोडक्शंससभी देखें
Latest News PhotographsView Allनवीनतम समाचार फोटोसभी देखें
# At Snap with CMView Allसीएम के साथ आपका फोटोसभी देखें
Digital Photo LibraryView All डिजिटल फोटो गैलरीसभी देखें
You Are Visitor No.हमारी वेबसाइट में कुल आगंतुकों 12406900

Nodal Officer: UC Kaundal, Dy. Director (Tech), +919816638550, uttamkaundal@gmail.com

Copyright ©Department of Information & Public Relations, Himachal Pradesh.
Best Viewed In Mozilla Firefox